
Mumbai , 15 जुलाई . Chief Minister देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में Tuesday देर रात हुई बैठक के बाद Maharashtra में Political अटकलों का दौर शुरू हो गया. इस बैठक में एनसीपी (एसपी) नेता और विधायक जयंत पाटिल Chief Minister से मिले थे. हालांकि, Wednesday को पाटिल ने सभी अटकलों को खारिज करते हुए बैठक के वास्तविक संदर्भ को स्पष्ट किया.
पाटिल ने बताया कि उनकी मुलाकात पूरी तरह से उनके निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित एक प्रशासनिक मुद्दे से जुड़ी थी, जिसमें तोड़फोड़ की धमकी का मामला था. पाटिल ने कहा कि मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक स्थानीय मुद्दे के संबंध में Chief Minister से मिलने का समय मांगा था. मैंने Chief Minister से कुछ समय मांगा था.
उन्होंने Chief Minister के आवास पर हुई घटनाओं का क्रम भी स्पष्ट किया. उन्होंने बताया कि वे ‘वर्षा’ पहुंचे थे, लेकिन Chief Minister के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त होने के कारण उन्हें हॉल में इंतजार करना पड़ा.
Chief Minister फडणवीस के आने पर उन्होंने बताया कि वे लगातार बैठकों में व्यस्त हैं. पाटिल ने संक्षिप्त 5-10 मिनट की बैठक में अपना पक्ष रखा. Chief Minister ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस मामले पर गौर करेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि यह मुद्दा शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आता है, जिसका संचालन Chief Minister कार्यालय द्वारा किया जाता है. उन्होंने पहले उपChief Minister एकनाथ शिंदे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन दिल्ली यात्रा पर होने के कारण उनका फोन बंद था. इसके परिणामस्वरूप, पाटिल ने Chief Minister से सीधे मिलने का निर्णय लिया.
पाटिल ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी एनसीपी नेताओं सुनील तटकरे या प्रफुल पटेल से कोई मुलाकात या चर्चा नहीं हुई. उन्होंने कहा कि अगर ऐसी कोई मुलाकात हुई होती, तो वे इसे खुले तौर पर स्वीकार कर लेते. उन्होंने पार्टी विलय या Political पुनर्गठन की किसी भी बात को पूरी तरह से खारिज करते हुए जोर दिया कि ऐसी चर्चाएं पूरी तरह से बंद हो चुकी हैं.
पाटिल ने कहा कि हम सभी शरद पवार के साथ एकजुट हैं. मुझे दुख होता है कि मीडिया लगातार इस तरह की अटकलबाजी वाली खबरें फैलाता रहता है.
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे राज्य के वित्त मंत्री पद की दौड़ में हैं, तो पाटिल ने इस सवाल को हंसकर टाल दिया. उन्होंने कहा कि मैंने इस बारे में सोचा भी नहीं है, तो आप इतनी दूर की क्यों सोच रहे हैं? विभागों का आवंटन पूरी तरह से Chief Minister देवेंद्र फडणवीस का अधिकार है. इस तरह की अटकलें लगाकर आप Chief Minister के अधिकार को दरकिनार करने की कोशिश कर रहे हैं.
–
एमएस/