हिंद-प्रशांत में रक्षा सहयोग बढ़ाने को तत्पर जापान, ऑस्ट्रेलिया के बाद भारत पहुंचेंगे रक्षा मंत्री कोइजुमी

टोक्यो, 16 अगस्त . जापान हिंद-प्रशांत क्षेत्र में रक्षा सहयोग बढ़ाने को तत्पर है. यही वजह है कि जापान के रक्षा मंत्री शिंजीरो कोइजुमी इस सप्ताह दो ऐसे देशों का दौरा करेंगे जो इस क्षेत्र के मजबूत सहयोगी हैं. ऑस्ट्रेलिया के बाद वो India पहुंचेंगे और अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे.

जापान के रक्षा मंत्रालय के हवाले से जीजी न्यूज एजेंसी ने ये जानकारी दी है. मंत्रालय के अनुसार कोइजुमी दोनों देशों के अपने समकक्षों से मिलेंगे. इसका मकसद रक्षा उपकरणों के जॉइंट डेवलपमेंट समेत सुरक्षा सहयोग को मजबूत करना है.

Tuesday को कोइजुमी ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा पहुंचेंगे. उप Prime Minister एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स के साथ द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा करेंगे. दोनों देशों के बीच बातचीत का मुख्य केंद्र ऑस्ट्रेलिया द्वारा जापान की मोगामी-क्लास फ्रिगेट्स हासिल करने की योजना और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करना होगा.

जापान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कोइजुमी की यात्रा को दोनों देशों के रक्षा संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. जापान और ऑस्ट्रेलिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की दिशा में लगातार कदम उठा रहे हैं. मोगामी-क्लास युद्धपोतों की खरीद इस रणनीतिक साझेदारी का एक अहम हिस्सा है. दोनों देशों ने अप्रैल में ऑस्ट्रेलियाई नौसेना के लिए पहले तीन जहाजों के निर्माण से संबंधित अनुबंध को अंतिम रूप दिया था.

इसके बाद कोइजुमी India पहुंचेंगे. यहां रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ New Delhi में उनकी पहली आधिकारिक मुलाकात होगी. बातचीत में जुलाई में हुए समिट एग्रीमेंट के आधार पर ड्रोन के जॉइंट डेवलपमेंट के साथ-साथ समुद्री सुरक्षा के लिए रक्षा उपकरणों और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा होगी. इसके साथ ही इस साल के अंत में टोक्यो में आयोजित होने वाले दोनों देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों की टू-प्लस-टू द्विपक्षीय सुरक्षा व रणनीतिक सहयोग को लेकर भी चर्चा होगी.

जापानी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, कोइजुमी एक भारतीय नेवल बेस का भी दौरा करेंगे.

कोइजुमी जापान के पूर्व Prime Minister जुनिचिरो कोइजुमी के बेटे हैं और उन्हें भविष्य में जापान के Prime Minister पद के संभावित दावेदारों में भी गिना जाता है. रक्षा मंत्री संग बैठक में व्यापक सुरक्षा सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बदलते रणनीतिक हालात पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है.

केआर/

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