जमशेदपुर: अपहृत युवा उद्यमी का पांच दिन बाद भी सुराग नहीं, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल

जमशेदपुर, 18 जनवरी . जमशेदपुर के चर्चित कारोबारी देवांग गांधी के युवा पुत्र कैरव गांधी (24) के अपहरण के पांच दिन बीत जाने के बावजूद Police के हाथ खाली है. Saturday देर रात जमशेदपुर Police ने संदेह के आधार पर तीन लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन अपहृत कैरव गांधी का कोई सुराग नहीं मिल पाया है.

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, Jharkhand विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने इस प्रकरण को लेकर Jharkhand की विधि व्यवस्था और Government पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं.

संजय सेठ ने कहा कि ऐसी घटनाएं साबित करती हैं कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है. Jharkhand में कारोबारी, उद्योगपति और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक ओर Chief Minister विदेशों में जाकर Jharkhand में निवेश और उद्योग लगाने का निमंत्रण दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राज्य के प्रतिष्ठित कारोबारी परिवारों के बच्चे तक सुरक्षित नहीं हैं.

Jharkhand के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने Jharkhand Government पर निशाना साधते हुए social media पर लिखा, “जमशेदपुर से एक युवा उद्यमी के अपहरण को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन Police अब तक कोई ठोस सुराग नहीं ढूंढ पाई है. उधर रांची के ओरमांझी का 12 वर्षीय कन्हैया पिछले दो महीनों से लापता है. Jharkhand में गरीबों का अपहरण मानव तस्करी के लिए और अमीरों का अपहरण फिरौती के लिए किया जा रहा है. हालात बिल्कुल 90 के दशक वाले लालू के जंगलराज वाले बन चुके हैं. ऐसी विकट परिस्थितियों में भी Chief Minister विदेश में निवेशकों को आमंत्रित करने गए हैं, लेकिन क्या वे निवेशकों के सामने राज्य की बदहाल कानून व्यवस्था की सच्चाई भी रखेंगे?”

जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने इस मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनसे हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को टैग कर लिखे गए एक social media पोस्ट में लिखा, “Jharkhand Government जमशेदपुर के युवा उद्यमी कैरव गांधी का सुराग नहीं लगा पाई है. सूचना आ रही है कि इसमें किसी अंतर्राज्यीय गिरोह का हाथ है. सवाल केवल अपहरण या फिरौती का नहीं, बल्कि एक युवक की जिंदगी का है. कृपया केंद्रीय एजेंसियों को सक्रिय करें.”

24 वर्षीय कैरव गांधी का अपहरण बीते Tuesday को हुआ था. अपहरण के बाद परिजनों को एक विदेशी नंबर से पांच करोड़ रुपए की फिरौती की मांग की गई थी. Police ने इस मामले में सात विशेष जांच टीमों का गठन कर Jharkhand के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और Odisha में छापेमारी शुरू की है.

साथ ही, कॉल डंप, cctv फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने का दावा किया जा रहा है, हालांकि तमाम दावों के बावजूद अब तक न तो अपहृत युवक की बरामदगी हो सकी है और न ही अपहरणकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई है.

एसएनसी/वीसी

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