जयशंकर ने राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से की मुलाकात, भारत-कोरिया साझेदारी और मजबूत होने की उम्मीद

नई द‍िल्‍ली, 19 अप्रैल . विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कोरिया गणराज्य के President ली जे-म्युंग से मुलाकात को भारत-कोरिया संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पर पोस्ट कर कहा, ”रिपब्लिक ऑफ कोरिया के President ली जे-म्युंग से मिलकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं, क्योंकि वे India की अपनी राजकीय यात्रा शुरू कर रहे हैं. मैं विभिन्न क्षेत्रों में भारत-कोरिया संबंधों को और गहरा करने के उनके संकल्प को महत्व देता हूं.”

उन्‍होंने आगे कहा, ”मुझे विश्वास है कि कल Prime Minister Narendra Modi के साथ उनकी बातचीत हमारी ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ को और अधिक सुदृढ़ करेगी.”

President ली जे-म्युंग Monday को India के Prime Minister Narendra Modi के साथ बातचीत करेंगे. योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, पिछले साल जी7 और जी20 शिखर सम्मेलनों के दौरान हुई बातचीत के बाद यह उनकी तीसरी आमने-सामने की बैठक होगी.

कोरिया इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक पॉलिसी (केआईईपी) में India और दक्षिण एशिया टीम के प्रमुख क्यूंगहून किम ने बताया कि पिछले 10 महीनों में India और दक्षिण कोरिया ने कैसे एक-दूसरे के साथ जुड़ाव को गहरा किया है.

क्यूंगहून किम ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ”दोनों देशों के बीच औद्योगिक क्षेत्र में भी जुड़ाव बढ़ा है. India के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शिपबिल्डिंग पर चर्चा करने के लिए दक्षिण कोरिया (नवंबर 2025) का दौरा किया, जबकि दक्षिण कोरिया के साइंस और आईसीटी मंत्री ने एआई पर चर्चा करने के लिए India (फरवरी 2026) का दौरा किया. व्यापार मंत्री भी मिले (मार्च 2026). अगला, सॉफ्ट पावर. जनवरी 2026 में, शिक्षा मंत्री ने विदेश में रहने वाले कोरियाई लोगों का समर्थन करने और शिक्षा में सहयोग बढ़ाने के लिए दिल्ली में एक कोरियन एजुकेशन सेंटर खोला. यह कोरियन भाषा की एजुकेशन को बढ़ावा देने और भारतीय स्टूडेंट्स को आकर्षित करने का भी प्लान बना रहा है.”

दक्षिण कोरिया के President ली जे-म्युंग दो देशों के दौरे पर न‍िकले हैं. India के बाद शिखर वार्ता के लिए वियतनाम भी जाएंगे.

एवाई/डीकेपी

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