
New Delhi, 30 जून . विदेश मंत्री (ईएएम) एस जयशंकर ने Tuesday को आयरलैंड की विदेश मंत्री हेलेन मैकएंटी से बातचीत की. इस बातचीत में दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा हुई.
जयशंकर ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “आयरलैंड के विदेश मंत्री हेलेन मैकएंटी से बात करके खुशी हुई. मैंने उन्हें आयरलैंड के यूरोपीय संघ की परिषद की अध्यक्षता संभालने पर शुभकामनाएं दीं. हमने व्यापार और शिक्षा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा की. बहुपक्षीय मंचों पर भी हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाया जाएगा.”
इस साल की शुरुआत में विदेश मंत्रालय (एमईए) के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने आयरलैंड के प्रवासन मामलों के राज्य मंत्री कोल्म ब्रोफी से मुलाकात की थी. इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और लोगों के आपसी संबंधों जैसे क्षेत्रों में रिश्ते मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई थी.
विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर लिखा था, “सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने आयरलैंड के न्याय, गृह मामलों और प्रवासन विभाग के राज्य मंत्री कोल्म ब्रोफी से मुलाकात की. दोनों ने दोनों मित्र देशों के बीच व्यापार, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की.”
मार्च में सचिव जॉर्ज ने आयरलैंड के राष्ट्रीय दिवस समारोह में India का प्रतिनिधित्व भी किया था.
विदेश मंत्रालय ने कहा था, “उन्होंने भारत-आयरलैंड के लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई और आपसी हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही.”
पिछले साल विदेश मंत्री जयशंकर ने आयरलैंड की आधिकारिक यात्रा की थी. इस दौरान उन्होंने आयरलैंड के President माइकल डी हिगिंस से मुलाकात की और दोनों देशों के बढ़ते रिश्तों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की.
विदेश मंत्रालय ने कहा था, “आयरलैंड की नई Government बनने के बाद पहले दो महीनों में ही हुई यह यात्रा दिखाती है कि दोनों देश अपने आपसी रिश्तों को कितना महत्व देते हैं और लगातार संपर्क बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
जयशंकर ने उस समय आयरलैंड के तत्कालीन विदेश, व्यापार और रक्षा मंत्री (एफएम) साइमन हैरिस के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत भी की थी. दोनों नेताओं ने व्यापार और अर्थव्यवस्था, शिक्षा, लोगों की आवाजाही, संस्कृति, पर्यटन और लोगों के बीच आपसी संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष जताया था. साथ ही, दोनों देशों ने आपसी हित से जुड़े वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार साझा किए थे.
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एवाई/डीकेपी