जबलपुर क्रूज हादसा: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जताया दुख, घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना

New Delhi, 1 मई . Madhya Pradesh के जबलपुर जिले स्थित बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई है, जबकि अभी भी कम से कम चार यात्री लापता बताए जा रहे हैं. राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उपPresident सीपी राधाकृष्णन ने इस हादसे पर शोक व्यक्त किया है.

उपPresident राधाकृष्णन ने अपने अधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा, “Madhya Pradesh के जबलपुर में नाव पलटने की घटना में हुई जान-माल की हानि से मैं अत्यंत दुखी हूं. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं. मैं प्रार्थना करता हूं कि दुख की इस घड़ी में उन्हें साहस और संबल मिले और घायल शीघ्र स्वस्थ हों.”

इसी बीच, Madhya Pradesh के Chief Minister मोहन यादव ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह दुर्घटना चक्रवात के कारण हुई है, हालांकि इसकी विस्तृत जानकारी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी. Chief Minister ने बताया कि राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर तैनात हैं. साथ ही, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और एसीएस संजय दुबे सहित प्रशासनिक अधिकारियों को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया.

Chief Minister ने यह भी घोषणा की कि हादसे के दौरान जिन रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने पर्यटकों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई, उन्हें 15 अगस्त के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा. इसके अलावा, मृतकों के परिजनों को राज्य Government की ओर से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं.

Prime Minister Narendra Modi ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए Prime Minister राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की है.

लापता यात्रियों की तलाश के लिए भारतीय सेना ने भी मोर्चा संभाल लिया है. जिला प्रशासन के अनुरोध पर सेना के ‘मध्य India क्षेत्र’ ने तुरंत मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शुरू किया. शत्रुजीत ब्रिगेड के प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ एक जूनियर कमीशंड अधिकारी और 13 सैनिकों को हवाई मार्ग से जबलपुर भेजा गया है, जो घटनास्थल पर तैनात होकर खोज अभियान में जुटे हैं.

पीएसके

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