आरपीआई अभी भी महायुति का हिस्सा है या नहीं, यह साफ नहीं: रामदास आठवले

Mumbai , 5 जून . केंद्रीय राज्य मंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के प्रमुख रामदास आठवले ने Maharashtra में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति से निराशा जताई. उन्होंने अफसोस जताया कि राज्य में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को मौके नहीं मिल रहे हैं, जिनके वे हकदार हैं, और उन्हें यह भी पक्का नहीं है कि उनकी पार्टी अभी भी सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा है या नहीं.

रामदास आठवले ने से ​​बातचीत में कहा, “उत्तर प्रदेश, बिहार और असम में, जो भी पार्टियां भाजपा के साथ गठबंधन में हैं, उन्हें सीटें भी दी जाती हैं और कैबिनेट में जगह भी मिलती है.”

यह मानते हुए कि उन्हें केंद्रीय कैबिनेट में मंत्रालय मिला है और तीसरी बार राज्यसभा सीट भी मिली है, अठावले ने कहा, “मुझे लगता है कि जिन पार्टी कार्यकर्ताओं की वजह से मुझे यह मंत्रालय और राज्यसभा सीट मिली, उन्हें Maharashtra में कुछ नहीं मिल रहा है.”

उन्होंने कहा कि भाजपा की वजह से ही आरपीआई केंद्र में एनडीए के साथ और Maharashtra में महायुति गठबंधन के साथ है.

उन्होंने कहा, “मेरे केंद्रीय मंत्रालय के पद से पता चलता है कि मेरी पार्टी एनडीए का हिस्सा है, लेकिन यह साफ नहीं है कि वह महायुति का हिस्सा है या नहीं. आरपीआई का नाम कहीं भी नहीं है. Maharashtra में प्रतिनिधित्व के लिए हमें एमएलसी की सीट या कोई मंत्रालय मिलना चाहिए था.”

केंद्रीय राज्‍य मंत्री ने कहा, “मंत्रालय की बात छोड़िए, Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने एमएलसी में आरपीआई के लिए एक सीट देने का वादा किया था. हमें एमएलसी की सीटों में से एक सीट मिलनी चाहिए. साथ ही, हमें दो ‘महामंडल अध्यक्ष’ पद और उनमें 40-50 सदस्य मिलने चाहिए, ताकि हम सभी जिलों में अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को मौके दे सकें.”

उन्होंने कहा, “हमें डीपीडीसी, जिला और तालुका समितियों में भी प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए. Mumbai में कई समितियां हैं, जैसे बृहन्Mumbai नगर निगम (बीएमसी) के तहत आने वाली समितियां. इसलिए, हमारी मांग है कि इन सभी में आरपीआई के कम से कम एक सदस्य को मौका दिया जाए.”

आठवले ने भरोसा जताया कि सीएम देवेंद्र फडणवीस आरपीआई के लिए एक एमएलसी सीट देने का अपना वादा पूरा करेंगे. उन्होंने कहा, “हमने देवेंद्र फडणवीस से मिलने का समय मांगा है.”

Union Minister ने कहा कि Maharashtra के Chief Minister के साथ उनके अच्छे संबंध हैं. उन्होंने कहा, “आरपीआई को जो मिलना चाहिए, वह उसे नहीं मिल रहा है.”

आठवले ने कहा, “जिस तरह भाजपा ने अपने कई राज्यसभा सदस्यों को Lok Sabha में भेजा, उसी तरह मैं भी शिरडी से चुनाव लड़ना चाहता था. वहां मैं पहले तब हार गया था, जब मेरी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन में थी. मुझे वहां से जीतने का भरोसा था.” उन्होंने बताया कि Lok Sabha चुनाव के समय उनकी यह मांग पूरी नहीं हुई थी.

उन्होंने कहा, “विधानसभा चुनावों के दौरान भी आरपीआई को कोई सीट नहीं दी गई और न ही बीएमसी चुनावों में.”

उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा, “स्थानीय निकायों के तहत बनने वाली कमेटियों में आरपीआई कार्यकर्ताओं को मौका दिया जाना चाहिए.”

एएसएच/डीकेपी

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