परीक्षा के समय शंका होना स्वाभाविक, हर पीढ़ी को रहा है एग्जाम प्रेशरः शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान

New Delhi, 22 फरवरी . देश भर में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं जारी हैं, सीबीएसई के अलावा अन्य कई राज्यों की बोर्ड परीक्षाएं भी प्रारंभ हो चुकी है. वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के अलावा भी अलग-अलग कक्षाओं में पढ़ने वाले करोड़ों छात्र परीक्षाएं दे रहे हैं.

इस बीच Sunday को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने परीक्षा के प्रेशर को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने Prime Minister Narendra Modi द्वारा इस विषय पर दिए गए संदेश का जिक्र किया. Union Minister धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “प्यारे विद्यार्थियों, आप सभी सच्चे एग्जाम वॉरियर्स हैं. परीक्षा के समय मन में शंका आना स्वाभाविक है और हर पीढ़ी ने यह एग्जाम प्रेशर कभी न कभी महसूस किया है.”

शिक्षा मंत्री ने यहां Prime Minister Narendra Modi द्वारा दिए गए संदेश को दोहराया. उन्होंने कहा, यही बात Prime Minister Narendra Modi ने ‘मन की बात’ में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कही. उन्होंने यह संदेश दिया कि सफलता का पैमाना केवल अंक नहीं होते, बल्कि ईमानदार प्रयास, धैर्य और निरंतर सीखने की भावना होती है. शांत मन से अपनी तैयारी पर भरोसा रखें, जो सीखा है उसे पूरी एकाग्रता से प्रस्तुत करें और परिवार व शिक्षकों के मार्गदर्शन को अपनी ताकत बनाएं, यही दृष्टि आपको परीक्षा से आगे जीवन में भी सशक्त बनाएगी.

गौरतलब है कि सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं Tuesday 17 फरवरी से India समेत 26 देशों में शुरू हो चुकी हैं. 43 लाख से अधिक छात्र दसवीं और बारहवीं कक्षा की यह परीक्षाएं दे रहे हैं. पहले दिन दसवीं के छात्रों ने गणित और बारहवीं के छात्रों ने बायो टेक्नोलॉजी का एग्जाम दिया था. सीबीएसई बोर्ड के अनुसार इस साल कुल 43 लाख 67 हजार 870 छात्र बोर्ड परीक्षा का हिस्सा हैं. 25 लाख से अधिक छात्र दसवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं. वहीं 12वीं की परीक्षा में 18 लाख 59 हजार 551 छात्र शामिल हैं.

इसके अलावा केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, “इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में India की इनोवेशन क्षमता ने वैश्विक नेतृत्व का ध्यान आकर्षित किया, जिसकी चर्चा Prime Minister Narendra Modi ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी की.”

उन्होंने कहा कि एक ओर अमूल के बूथ पर एआई आधारित समाधान ने दिखाया कि कैसे चौबीसों घंटे एआई सहायता से किसान डेयरी प्रबंधन और पशु-स्वास्थ्य को सशक्त बना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर एआई के माध्यम से हमारे प्राचीन ग्रंथों, ज्ञान परंपरा और पांडुलिपियों के संरक्षण व आधुनिक प्रस्तुति ने विश्व को India की सांस्कृतिक-तकनीकी शक्ति का परिचय दिया.

शिक्षा मंत्री ने कहा कि आज India गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और राष्ट्रनिर्माताओं के योगदान को सम्मान दे रहा है. Prime Minister ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्र की आत्मा उसकी जड़ों से जुड़ने में निहित है. इसी भाव को आगे बढ़ाते हुए Monday 23 फरवरी को President भवन में ‘राजाजी उत्सव’ का आयोजन और सी. राजगोपालाचारी जी की प्रतिमा का अनावरण, सेवा, आत्मसंयम और स्वतंत्र चिंतन की उस परंपरा को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने आधुनिक India के सार्वजनिक जीवन को नैतिक दिशा प्रदान की.

जीसीबी/एएस

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