किसी भी स्थिति में बाहरी तत्वों को समूह या प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं: सीएम योगी

Lucknow, 15 अप्रैल . Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने Wednesday को टाटा मोटर्स के Lucknow प्लांट में 10 लाखवीं गाड़ी को फ्लैग ऑफ किया. Chief Minister ने इसे महज एक औद्योगिक उपलब्धि से अधिक राज्य को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम बताया.

उन्होंने कहा कि 34 वर्षों की यह यात्रा ‘टाटा के ट्रस्ट’ और उत्तर प्रदेश की बदलती कार्यसंस्कृति, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर व निवेश अनुकूल माहौल का प्रमाण है. कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने केवल औद्योगिक उपलब्धियों की बात नहीं की, बल्कि कार्यसंस्कृति के मूल मंत्र को भी प्रमुखता से सामने रखा.

उन्होंने कहा कि किसी भी समूह या संस्थान की सफलता का आधार टीमवर्क, कृतज्ञता और ईमानदारी है. हर कार्मिक को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी प्रतिबद्धता के साथ करना चाहिए, क्योंकि यही भाव लंबे समय में व्यक्तिगत और संस्थागत प्रगति सुनिश्चित करता है. Chief Minister ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी संगठन को मजबूत बनाए रखने के लिए बाहरी हस्तक्षेप से बचना बेहद आवश्यक है. उन्होंने चेताया कि ‘बिगाड़ने वाले बहुत मिलते हैं, लेकिन बनाने वाले बहुत कम होते हैं’, इसलिए हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह संगठन को परिवार की तरह समझे, उसकी एकता और विश्वास को बनाए रखे तथा सकारात्मक कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाए.

Chief Minister योगी ने कहा कि इस विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए कृतज्ञता का भाव आवश्यक है. यह समझना जरूरी है कि किस समूह के कारण हम आगे बढ़ रहे हैं और जो देश के विकास में निरंतर योगदान दे रहा है. हर कार्मिक को टीमवर्क, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए, क्योंकि यही भाव दीर्घकालिक सफलता का आधार बनता है. किसी भी स्थिति में बाहरी तत्वों को समूह या प्लांट के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने टाटा ग्रुप की कार्यसंस्कृति का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समूह अपने कार्मिकों के साथ परिवार जैसा संबंध रखता है, और इसी पारिवारिक भावना को बनाए रखते हुए संगठन को मजबूती के साथ आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है.

उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि आज का यह क्षण हम सभी के लिए गर्व और प्रसन्नता का प्रतीक है, जब 34 वर्षों की गौरवशाली यात्रा तय करते हुए टाटा मोटर्स ने Lucknow प्लांट से 10 लाखवीं बस को लॉन्च किया. यह उपलब्धि केवल एक इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन मात्र नहीं है, बल्कि यह उस ऐतिहासिक उड़ान का लॉन्च पैड है, जो India को और India की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित कर रही है. यह ‘माइलस्टोन मोमेंट’ नए India और नए उत्तर प्रदेश की उस उड़ान का प्रतीक है, जो रुकने के लिए नहीं, बल्कि निरंतर ऊंचाइयों को छूते हुए विकास, विश्वास और खुशहाली को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है.

मोमेंटम की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए Chief Minister ने कहा कि यह केवल एक ‘एम’ नहीं, बल्कि ‘मास’ और ‘वेलोसिटी’ का समन्वय है. जहां द्रव्यमान होता है, वहां गति स्वतः उत्पन्न होती है और यही गति नई ऊर्जा व ताकत प्रदान करती है. उत्तर प्रदेश के संदर्भ में यह ‘मासेस’ 25 करोड़ की विशाल आबादी और 56 प्रतिशत युवा वर्कफोर्स के रूप में सामने आता है. Prime Minister Narendra Modi के विजन के अनुरूप राज्य Government इस जनशक्ति को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर उसे मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स में परिवर्तित कर रही है, जिससे प्रदेश विकास की नई रफ्तार के साथ आगे बढ़ रहा है.

उन्होंने ‘वी’ यानी वेलोसिटी को डबल इंजन Government की डबल स्पीड का प्रतीक बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में विकास का मोमेंटम अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वह धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. तेजी से विकसित हो रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सप्रेसवे समेत बेहतर सड़क नेटवर्क और सुदृढ़ कनेक्टिविटी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए मजबूत आधार तैयार कर रही है.

Chief Minister योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 9 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश पहचान के संकट, खराब कनेक्टिविटी और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा था, जहां सड़क और गड्ढे में अंतर करना तक मुश्किल होता था और निवेशक आने से हिचकते थे, लेकिन Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व में आज प्रदेश ने एक नई दिशा प्राप्त की है, जहां बेहतर कानून-व्यवस्था और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर ने विकास की मजबूत नींव रखी है. प्रदेश आज औद्योगिक प्रगति की नई दिशा देते हुए निवेश और उत्पादन के लिए एक आकर्षक केंद्र बन रहा है. प्रदेश में इस समय देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है. गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन इसी माह Prime Minister के कर-कमलों से किया जाना प्रस्तावित है. इसके बाद एक्सप्रेसवे में यूपी की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी. राज्य में जिला स्तर तक फोर-लेन व टू-लेन कनेक्टिविटी का जाल बिछाया जा चुका है. साथ ही एयर कनेक्टिविटी में भी ऐतिहासिक सुधार हुआ है,जहां पहले केवल दो एयरपोर्ट सक्रिय थे, वहीं आज 16 एयरपोर्ट क्रियाशील हैं और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसा विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट भी तैयार है. ये एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश और विकास केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि बचपन से लेकर आज तक टाटा की बसों और अन्य भारी वाहनों के माध्यम से लोगों की यात्राओं व आवश्यकताओं की पूर्ति को हर भारतीय ने देखा और महसूस किया है. चाहे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सामान पहुंचाना हो या रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना, टाटा हमेशा भरोसे के साथ खड़ा रहा है. यही कारण है कि टाटा ग्रुप आज देश में अटूट विश्वास का प्रतीक बन चुका है. ‘टाटा मतलब ट्रस्ट’ केवल एक धारणा नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों का अनुभव है. अपने संस्थापकों की विरासत, मजबूत नेतृत्व और कर्मियों की मेहनत ने इस विश्वास को और सुदृढ़ किया है, जो India ही नहीं बल्कि दुनिया के कई देशों में भी महसूस किया जाता है. यह भरोसा उस टीमवर्क का परिणाम है, जिसने टाटा को हर स्तर पर गुणवत्ता, विश्वसनीयता और राष्ट्र निर्माण के प्रतीक के रूप में स्थापित किया है. टाटा ग्रुप का नाम देश में भरोसे, गुणवत्ता और राष्ट्र निर्माण के प्रति सकारात्मक योगदान का पर्याय बन चुका है, जिसके प्रति आमजन के मन में स्वाभाविक सम्मान है. घड़ी की सुई से लेकर जहाज निर्माण तक, नमक से लेकर नेटवर्किंग, स्टील से लेकर सॉफ्टवेयर तथा शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, रक्षा, वाहन और आतिथ्य जैसे विविध क्षेत्रों में टाटा समूह ने India को सशक्त बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है. उत्तर प्रदेश के साथ इसकी साझेदारी केवल निवेश तक सीमित नहीं, बल्कि यह विश्वास और विकास का मजबूत आधार है, जो नए India के नए उत्तर प्रदेश को समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

Chief Minister ने कहा कि अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और सुविधाओं के बल पर टाटा मोटर्स का Lucknow प्लांट 34 वर्षों में निरंतर विकसित होकर नई सोच, निवेश और तकनीकी प्रगति का उत्कृष्ट उदाहरण बना है, जहां डीजल से सीएनजी और अब इलेक्ट्रिक व्हीकल व डिफेंस ट्रकों तक का विस्तार भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बदलाव को दर्शाता है. 10 लाखवीं बस, 200 किमी रेंज जैसी आधुनिक तकनीक पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा दे रही है. 5600 से अधिक कार्मिकों के साथ यह संयंत्र रोजगार और स्किल डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बनकर ‘लक्ष्य’ प्रोग्राम के तहत युवाओं को अवसर प्रदान कर रहा है. रतन टाटा की परिकल्पना से स्थापित यह प्लांट आज लगभग 6000 परिवारों की आजीविका का आधार बन चुका है और लाखों लोगों को रोजगार से जोड़ चुका है.

एसके/डीकेपी

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