
वॉशिंगटन, 28 जुलाई . ईरान के प्रथम उपPresident मोहम्मद रजा आरिफ ने Tuesday को एक समारोह के दौरान हजारों साल पुरानी ईरानी सभ्यता और ईरानी लोगों के हौसले की तारीफ की. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी से युद्ध या टकराव की कोशिश नहीं कर रहा, लेकिन अगर ईरान पर युद्ध थोपा गया, तो देश अपना बचाव पूरी मजबूती से करेगा.
इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की रिपोर्ट के अनुसार, Tuesday को तेहरान में राष्ट्रीय कौशल सप्ताह और राष्ट्रीय उद्यमिता एवं तकनीकी-व्यावसायिक प्रशिक्षण दिवस के कार्यक्रम में बोलते हुए उपPresident आरिफ ने कहा कि इजरायल और अमेरिका के नेतृत्व वाली ताकतें अपने किसी भी मकसद में कामयाब नहीं हो सकीं.
उन्होंने इसे हजारों साल पुरानी सभ्यता वाले ईरानी लोगों के हौसले और मजबूती का नतीजा बताया. आईआरएनए के अनुसार, उन्होंने कहा, “हम युद्ध या टकराव नहीं चाहते. हम बातचीत के जरिए समस्याओं और मतभेदों का हल निकालना चाहते हैं. लेकिन, अगर हम पर युद्ध थोपा गया, तो हम अपना बचाव पूरी ताकत से करेंगे.”
आईआरएनए की रिपोर्ट के अनुसार, आरिफ ने कहा कि अमेरिका के नेतृत्व वाली ताकतों ने क्षेत्र के कुछ अरब देशों के संसाधनों के सहारे नई बनी इस्लामिक रिपब्लिक पर आठ साल का युद्ध थोप दिया था. उनका इशारा 1980 के दशक में इराक के तत्कालीन शासक सद्दाम हुसैन की ओर से ईरान से किए गए आठ साल लंबे युद्ध की ओर था.
उन्होंने कहा कि उस युद्ध का नतीजा सबने देखा, लेकिन इसके बावजूद उनसे कोई सबक नहीं लिया गया.
आरिफ ने कहा कि ईरान देश पर लगाए गए प्रतिबंधों का सामना करने और उनसे उबरने में भी सफल रहा है. उन्होंने कहा कि ईरानी लोग मजबूत हैं और किसी भी तरह के दबाव, अनुचित व्यवहार या जबरदस्ती का सामना करने की क्षमता रखते हैं.
उन्होंने कहा, “हां, इसकी कुछ कीमत चुकानी पड़ती है और यह स्वाभाविक है. लोगों को प्रतिबंधों या नाकेबंदी से डरना नहीं चाहिए. आखिरकार ऐसे सभी कदम उन्हीं लोगों पर उल्टा असर डालेंगे जो इन्हें लागू करते हैं.”
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एवाई/एबीएम