
New Delhi, 9 अप्रैल . इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (आईपीए) ने Thursday को दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें India में पिकलबॉल के लिए नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के तौर पर उसकी मान्यता पर रोक लगाने से इनकार कर दिया गया.
यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने ऑल इंडिया पिकलबॉल एसोसिएशन (आईएपीए) की ओर से दायर एक लेटर्स पेटेंट अपील (एलपीए) पर सुनवाई की. इस अपील में 2 फरवरी 2026 के एक पिछले आदेश को चुनौती दी गई थी. उस आदेश में एक सिंगल जज ने आईपीए को दी गई मान्यता के खिलाफ आईएपीए की याचिका को खारिज कर दिया था.
7 अप्रैल को हुई ताजा सुनवाई के दौरान, डिवीजन बेंच ने अपील पर नोटिस जारी किया और युवा मामले और खेल मंत्रालय (एमवाईएएस) को आईपीए को मान्यता देने की प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया.
कोर्ट ने यह भी कहा कि, India के नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट कोड के तहत, खेल संस्थाओं की मान्यता सालाना समीक्षा के अधीन होती है. इसी के अनुरूप, उसने केंद्र Government को निर्देश दिया कि वह एआईपीए को आईएपीए के नवीनीकरण आवेदन पर विचार करते समय लिखित अभ्यावेदन प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने की अनुमति दे.
हालांकि, कोर्ट ने आईपीए को दी गई मान्यता पर रोक लगाने या पिछले सिंगल जज के आदेश को निलंबित करने के एआईपीए के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया. उसने Government को पिछले फैसले में की गई टिप्पणियों पर विचार किए बिना समीक्षा प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश देने वाली याचिका को भी खारिज कर दिया.
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, आईपीए ने कहा कि वह पारदर्शिता और स्पोर्ट्स कोड के पालन पर कोर्ट के जोर का सम्मान करता है. संस्था ने आगे कहा कि उसे पूरा भरोसा है कि सभी रिकॉर्ड की समीक्षा से उसका पक्ष और देश में इस खेल को बढ़ावा देने में उसकी भूमिका सही साबित होगी.
एसोसिएशन ने एमवाईएएस की ओर से निर्धारित नियामक मानदंडों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि वह Government और कोर्ट, दोनों के साथ पूरी तरह सहयोग करना जारी रखेगा. अब इस मामले की अगली सुनवाई 11 मई 2026 को होनी है.
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आरएसजी