
भुज, 30 मई . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने Gujarat के भुज में भारत-Pakistan सीमा (आईपीबी) से लगे Gujarat के सीमावर्ती एवं तटीय जिलों से जुड़े सुरक्षा संबंधी विषयों पर सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की.
इस अवसर पर Gujarat के Chief Minister , उपChief Minister , मुख्य सचिव, Gujarat के डीजीपी सहित राज्य Government के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा कच्छ, वाव थराद और पाटन के डीएम और एसपी उपस्थित थे. बैठक में अधिक सुदृढ़ और व्यापक सीमा प्रबंधन की दृष्टि से भारत-Pakistan सीमा पर ऐसे सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित किया गया, तथा इसमें राज्य Government, विशेषकर डीएम और एसपी की सक्रिय एवं प्रभावी भूमिका पर बल दिया गया.
बैठक के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बॉर्डर फेंसिंग, समुद्री सीमा सुरक्षा और राज्य Government की दृढ़ Political इच्छाशक्ति से Gujarat के सुरक्षा परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया है और राज्य में घुसपैठ तथा बॉर्डर पर तस्करी पूरी तरह बंद हो गई है. अंतरराष्ट्रीय सीमा के 0 से 15 किलोमीटर क्षेत्र में हर अनधिकृत अतिक्रमण के प्रति जीरो टॉलरेंस अप्रोच रखकर उसे समाप्त किया जाए. उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में रेडिकलाजेशन के केंद्रों पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया.
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में जिला मजिस्ट्रेट को जनसांख्यिकी परिवर्तन की सख्त मॉनिटरिंग एवं नियमित रिपोर्टिंग करनी चाहिए. सीमावर्ती क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों के आने के कारण हो रहा रिवर्स माइग्रेशन स्वागतयोग्य है. पहले से बसे घुसपैठियों को वापस भेजने के कार्य में Police स्टेशन से लेकर पटवारी तक, सब एकजुट होकर आगे आएं. हर सीमावर्ती जिले की चुनौतियों और जरूरतों के आधार पर स्थानीय प्रशासन एसओपी तैयार करे, जिसमें पहले से बसे घुसपैठियों, ड्रोन और नार्को की पहचान करना सुनिश्चित हो.
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हर जिले में सुरक्षा समन्वय समूह बनाए जाएं, जिसमें बीएसएफ, तटरक्षक बल, आयकर विभाग, ईडी और लीड बैंक के मैनेजर को शामिल किया जाए. इनकम टैक्स, मनी लॉन्ड्रिंग और कस्टम कानूनों के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी डीएम, एसपी और आईजी, बॉर्डर रेंज की होनी चाहिए. उन्होंने सीमावर्ती जिलों में हवाला ट्रांजैक्शन, लेनदेन, म्यूल अकाउंट, शेल कंपनियों, संदिग्ध वाहनों और GST कलेक्शन पर कड़ी निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल दिया.
उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध से निपटने वाली एजेंसियों को सीमा क्षेत्रों के बारे में कड़ाई से सूचित किया जाए और आयकर विभाग, आरबीआई के साथ मिलकर सर्वे की बड़ी मुहिम चलाए. अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा से निकटता को ध्यान में रखते हुए तटीय सुरक्षा और भारतीय तटरक्षक बल के साथ प्रभावी समन्वय पर जोर देने की आवश्यकता है. वाइब्रेंट विलेजेज के साथ-साथ India Government और राज्य Government की हर योजना का सीमांत गांवों में 100 प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित हो.
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एबीएम/