
New Delhi, 21 मई . India का चाय निर्यात बीते 12 वर्षों में वित्त वर्ष 2025-26 तक 93 प्रतिशत बढ़कर 8,719 करोड़ रुपए रहा है, जो कि वित्त वर्ष 2013-14 में 4,509 करोड़ रुपए था. यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से Thursday को दी गई.
अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस के अवसर पर भारतीय चाय की बढ़ती वैश्विक अपील का जिक्र करते हुए, गोयल ने चाय को एक भावना बताया और कहा कि यह देश के दैनिक जीवन, संस्कृति और परंपराओं में गहराई से समाहित है.
गोयल ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “चाय एक भावना है और अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस पर इसे व्यक्त करने का इससे बेहतर तरीका और क्या हो सकता है! पूरे India में, चाय सिर्फ एक पेय पदार्थ नहीं है, बल्कि यह रोजमर्रा की जिंदगी, बातचीत और परंपराओं का एक अभिन्न अंग है.
उन्होंने आगे कहा, “दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर असम की घाटियों और नीलगिरी के बागानों तक, हर क्षेत्र चाय के एक कप में अपना अनूठा स्वाद, सुगंध और विशेषता जोड़ता है!”
मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता मानकों में सुधार और देश की समृद्ध चाय विरासत को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के निरंतर प्रयासों के चलते भारतीय चाय ने वर्षों से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी उपस्थिति को लगातार मजबूत किया है.
Union Minister ने कहा, “गुणवत्ता मानकों में सुधार और भारतीय चाय बोर्ड द्वारा India की समृद्ध चाय विरासत को विश्व के सामने प्रदर्शित करने के निरंतर प्रयासों के चलते भारतीय चाय ने वर्षों से वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति को मजबूत किया है.”
इस बीच, पिछले वर्ष गोयल ने बताया था कि संगठित क्षेत्र में भारतीय चाय उद्योग लगभग 12 लाख श्रमिकों को रोजगार प्रदान करता है, जिनमें से लगभग 58 प्रतिशत महिलाएं हैं.
गोयल ने जून 2025 में एक्स पर पोस्ट किया था, “महिलाएं India के चाय क्षेत्र के विकास का नेतृत्व कर रही हैं. हमारा देश अपनी सुगंधित चाय और निर्यात में लगातार वृद्धि के साथ वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है.”
वित्त वर्ष 2025 में, निर्यात की गई चाय की कुल मात्रा 263 मिलियन किलोग्राम थी, जबकि इसका कुल मूल्य 7,818 करोड़ रुपए था.
–
एबीएस