
New Delhi, 15 जून . India का वस्तु निर्यात मई में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत बढ़कर 45.2 अरब डॉलर हो गया है. अप्रैल में यह 43.56 अरब डॉलर था. यह जानकारी वाणिज्य मंत्रालय द्वारा Monday को जारी किए गए डेटा में दी गई.
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने मई की वस्तु निर्यात वृद्धि को अब तक दर्ज की गई सबसे अधिक वृद्धि दर में से एक बताया.
अप्रैल 2026 में भी वस्तु निर्यात में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, और यह अप्रैल 2025 में 38.28 अरब डॉलर था.
वित्त वर्ष 2026-27 के अप्रैल-मई महीने में देश का कुल निर्यात 88.91 अरब डॉलर रहा है, जो कि पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 16.09 प्रतिशत की वृद्धि को दिखाता है.
अग्रवाल ने कहा कि India ने अप्रैल और मई दोनों महीनों में निर्यात में जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है, जबकि इसी दौरान आयात में भी तेज बढ़ोतरी हुई है. उन्होंने मीडिया से कहा, “अगर हम इसी रफ्तार को बनाए रखते हैं, तो वित्त वर्ष 27 व्यापार के लिहाज से एक अच्छा साल होगा.”
मई में आयात 20.62 प्रतिशत बढ़कर 73.41 अरब डॉलर हो गया. इसके चलते व्यापार घाटा 28.21 अरब डॉलर रहा है. वहीं, मई 2025 में व्यापार घाटा 22.56 अरब डॉलर था, जो कि सालाना आधार पर 25.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाता है.
बीते महीने व्यापार घाटे में बढ़ोतरी की वजह पश्चिम एशिया में तनाव के कारण कच्चे तेल का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाना है.
अग्रवाल ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्ट को होने वाले निर्यात, जिन पर पहले असर पड़ा था, उनमें मई में सुधार हुआ. उन्होंने कहा कि वेस्ट एशिया को होने वाला निर्यात लगभग मई 2025 के स्तर पर पहुंच गया है, और इसमें यूएई, सऊदी अरब, जॉर्डन और यमन को भेजे गए सामान की वजह से बढ़ोतरी हुई है.
वाणिज्य सचिव ने आगे कहा कि अगर हाल ही में घोषित यूएस-ईरान शांति समझौता “लंबे समय तक टिकता है,” तो “हमारी कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा.”
अग्रवाल ने कहा कि पिछले 12 सालों में India का निर्यात आधार बढ़ा है और इस दौरान निर्यात लगभग दोगुना हो गया है. उन्होंने कहा कि इसी अवधि में सर्विस निर्यात में तीन गुना बढ़ोतरी हुई है और Government को उम्मीद है कि जैसे-जैसे और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट लागू होंगे, यह तेजी बनी रहेगी.
अग्रवाल ने कहा, “हमें उम्मीद है कि सभी एफटीए के आने से निर्यात में बढ़ोतरी की यह तेजी नए जोश के साथ जारी रहेगी.”
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एबीएस