‘ऑपरेशन सर्प विनाश’ के जांबाज ताहिर फजल को भारतीय सेना ने दी अंतिम विदाई

पुंछ, 24 अप्रैल . 2023 के ‘ऑपरेशन सर्प विनाश’ के जांबाज ताहिर फजल को भारतीय सेना ने अंतिम विदाई दी है. ताहिर फजल 2003 में चलाए गए ‘ऑपरेशन सर्प विनाश’ से जुड़े एक प्रमुख व्यक्ति थे. उन्होंने हिल काका और सुरनकोट इलाकों में आतंकवाद विरोधी प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. Friday को सेना ने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं भी व्यक्त कीं.

भारतीय सेना की ‘व्हाइट नाइट कोर’ ने social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “एक बहादुर दिल को अंतिम विदाई. गहरे दुख और अपार कृतज्ञता के साथ भारतीय सेना ने ताहिर फजल को एक भावभीनी विदाई दी.”

पोस्ट में आगे लिखा है, “वह एक वीर सपूत थे, जो 2003 में ‘ऑपरेशन सर्पविनाश’ के दौरान हमारे सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे. उन्होंने हिल काका और सुरनकोट इलाकों में आतंकवाद-विरोधी प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस क्षेत्र में पहली ‘ग्राम रक्षा समिति’ (वीडीसी) की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही थी.”

‘व्हाइट नाइट कोर’ ने लिखा, “उनकी साहसी भावना, अटल साहस और भारतीय सेना के साथ उनका गहरा जुड़ाव उनके उत्कृष्ट चरित्र का प्रमाण है. उनकी अदम्य वीरता हमेशा हमारे दिलों में अंकित रहेगी. भारतीय सेना दुख की इस घड़ी में शोकाकुल परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है.”

अधिकारियों के अनुसार, पुंछ जिले के सुरनकोट इलाके के मुर्राह गांव के निवासी ताहिर फजल का 22 अप्रैल को उत्तराखंड में 62 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उनके पार्थिव शरीर को सड़क मार्ग से उनके पैतृक गांव लाया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए वहां जमा हुए.

सेना के जवानों ने सम्मान और गरिमा के साथ अंतिम संस्कार संपन्न कराने में सहयोग दिया. सैनिकों ने पूरे आदर के साथ पार्थिव शरीर को कंधा दिया, जो राष्ट्रीय उद्देश्य का समर्थन करने वाले सभी लोगों के प्रति एकजुटता और साझा मानवता का प्रतीक था.

डीसीएच/

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