
लंदन/New Delhi, 25 जून . केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने Thursday को कहा कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ साबित होगा. उन्होंने कहा कि यह समझौता व्यापार, निवेश, तकनीक और रणनीतिक क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को नई मजबूती देगा.
लंदन में आयोजित इंडिया ग्लोबल फोरम की यूके-इंडिया वीक 2026 के दौरान बोलते हुए Union Minister गोयल ने कहा कि India और ब्रिटेन के बीच साझेदारी पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुई है और अब यह कई क्षेत्रों को शामिल करने वाला एक रणनीतिक संबंध बन चुका है.
उन्होंने कहा, “भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला फोर्स मल्टीप्लायर साबित होगा.”
गोयल ने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब केवल पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं.
उन्होंने बताया कि India और ब्रिटेन के बीच अब तकनीक, निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है.
मंत्री ने कहा कि यह बढ़ता सहयोग दोनों देशों के रिश्तों की गहराई और व्यापकता को दर्शाता है.
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि India और ब्रिटेन आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई और विश्व में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी समान दृष्टिकोण रखते हैं.
उन्होंने बताया कि दोनों देश कई बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम कर रहे हैं ताकि निष्पक्ष और समान व्यापारिक व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा सके, जिससे सभी देशों को बराबर अवसर मिल सकें.
भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते की अहमियत पर जोर देते हुए गोयल ने कहा कि यह समझौता भारतीय उद्योगों को आगे बढ़ने, मूल्य शृंखला (वैल्यू चेन) में ऊपर जाने और वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद करेगा.
उन्होंने कहा कि इससे भारतीय कंपनियां उन क्षेत्रों में ब्रिटिश कंपनियों के साथ बेहतर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगी, जहां दोनों देशों की मौजूदगी है.
गोयल ने कहा कि कई ऐसे क्षेत्र भी हैं जहां India और ब्रिटेन की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक हैं. इस समझौते के जरिए ऐसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे दोनों देशों को लाभ मिलेगा.
मंत्री ने कहा कि यह व्यापार समझौता India और ब्रिटेन को वैश्विक वैल्यू चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने में मदद करेगा. साथ ही, इसके जरिए दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे की अर्थव्यवस्था को समर्थन दे सकेंगी और साझा विकास को बढ़ावा मिलेगा.
पीयूष गोयल ने आगे कहा कि India और ब्रिटेन की साझेदारी में वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई गति देने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की नवाचार, विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और निवेश जैसी ताकतों का मेल वैश्विक विकास को नई दिशा दे सकता है.
गोयल ने बताया कि भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक प्रभाव डालने वाला समझौता साबित होगा, जो रोजगार, निवेश और व्यापार के नए अवसर पैदा करेगा.
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