पीठ-गर्दन के दर्द और अकड़न से मिलेगी राहत, दिनचर्या में शामिल करें ‘चक्रासन’

New Delhi, 24 मई . विश्व योग दिवस को अब कुछ ही दिन शेष है. इस बीच स्वस्थ India मिशन के तहत India Government का आयुष मंत्रालय लोगों को दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की अपील कर रहा है. इसी कड़ी में मंत्रालय लगातार आसनों के साथ प्राणायाम के बारे में जानकारी दे रहा है. मंत्रालय ने चक्रासन के बारे में जानकारी देते हुए उसके फायदों से भी अवगत कराया.

योग एक्सपर्ट्स के अनुसार, चक्रासन उन लोगों के लिए बेहद उपयोगी है, जिन्हें पीठ, गर्दन या पैरों में दर्द, रीढ़ की हड्डी और कंधों में अकड़न या शरीर में लचीलापन कम होने की शिकायत है. मंत्रालय के अनुसार, आज की व्यस्त और बैठे-बैठे काम करने वाली जिंदगी में पीठ दर्द, गर्दन में खिंचाव और शरीर की अकड़न आम समस्या बन गई है. ये सभी लक्षण बताते हैं कि शरीर को पर्याप्त मूवमेंट और स्ट्रेचिंग की जरूरत है. चक्रासन इन समस्याओं से निपटने में बहुत प्रभावी साबित होता है

मंत्रालय का कहना है कि चक्रासन न सिर्फ शरीर को मजबूत और लचीला बनाता है बल्कि मन को भी शांत रखने में मदद करता है. यह आसन नियमित रूप से करने से पोस्चर सुधरता है और रोजमर्रा की थकान भी दूर होती है.

इसके अलावा, चक्रासन के अभ्यास से पीठ और रीढ़ की हड्डी को मजबूती मिलती है, कंधों और गर्दन की अकड़न दूर होती है. साथ ही यह आसन शरीर के लचीलेपन को भी बढ़ाता है. छाती को खोलता है, जिससे सांस लेने में आसानी होती है. थकान और तनाव को कम करता है और पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. जिन लोगों पूरे दिन थकान या सुस्ती लगती है उनके लिए और भी फायदेमंद है. यह आसन पूरे शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ाता है.

आयुष मंत्रालय ने सलाह दी है कि शुरुआती लोग किसी योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही यह आसन करें. खासकर जिन लोगों को पीठ या गर्दन की गंभीर समस्या है, उन्हें डॉक्टर या योग ट्रेनर से सलाह लेकर ही अभ्यास शुरू करना चाहिए.

एमटी/पीएम

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