
नई दिल्ली, 14 मई . स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मौजूदा बाधाओं के लिए अमेरिका के प्रतिबंध जिम्मेदार हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज उन सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है, जो ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करते हैं. यह बात ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने New Delhi में हुई ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान कही.
ईरान इस्लामिक रिपब्लिक की Government के ऑफिशियल ‘एक्स’ अकाउंट से साझा जानकारी के अनुसार, ”विदेश मंत्री अराघची ने New Delhi में विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मीडिया को बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज उन सभी कमर्शियल जहाजों के लिए खुला है, जो ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करते हैं. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मौजूदा रुकावटें अमेरिका की ओर से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण पैदा हुई हैं.”
वहीं, एक दिन पहले Wednesday को ईरान जंग के बीच होर्मुज स्ट्रेट में Gujarat का एक और मालवाहक जहाज डूब गया. ‘हाजी अली’ नाम का जहाज 13 मई की सुबह ओमान के समुद्री क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी उससे कोई ड्रोन या मिसाइल जैसा हथियार टकरा गया.
हादसे के बाद जहाज में आग लग गई. हालांकि, ओमान कोस्टगार्ड ने सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया.
रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 मई की सुबह Gujarat के द्वारका निवासी और जहाज मालिक सुलतान अहमद अंसार के एमएसवी हाजी अली जहाज पानी में डूब गया. यह जहाज बेरबेरा पोर्ट से शारजाह जा रहा था. सुबह करीब 3:30 बजे ओमान के समुद्री तट के पास जहाज हादसे का शिकार हुआ.
बाद में चालक दल ने बताया कि जहाज से किसी विस्फोटक जैसी चीज के टकराने की आवाज सुनाई दी थी. इसके बाद जहाज में आग लग गई. हालात बिगड़ते देख 14 क्रू मेंबर्स ने लाइफबोट पहनी और जहाज छोड़ा. इस दौरान ओमानी अधिकारियों ने आगे बढ़कर भारतीय दल की मदद की.
एमईए के आधिकारिक बयान अनुसार, Wednesday (13 मई) को ओमान के तट पर भारतीय झंडे वाले जहाज पर हुआ हमला किसी भी हालत में मंजूर नहीं है. हम इस बात की निंदा करते हैं कि व्यावसायिक जहाजों और आम नाविकों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है.
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची भी Wednesday रात India पहुंचे. उन्होंने बैठक में शामिल होने से पहले सेवा तीर्थ में Prime Minister Narendra Modi से मुलाकात की.
अराघची ने New Delhi में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन, ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात की. इस बातचीत में चर्चा का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय संबंध, क्षेत्रीय घटनाक्रम और बहुपक्षीय ढांचों के भीतर समन्वय रहा.
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एवाई/डीकेपी