
वाशिंगटन, 23 जुलाई . अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर Wednesday शाम करीब 5:30 बजे नए हवाई हमले शुरू किए. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “यह मिशन ईरान की आम नाविकों और इलाके के पानी में चलने वाले कमर्शियल जहाजों को धमकाने की क्षमता को कम करता रहेगा.”
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले Wednesday को, अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर गोली चलाएगा, तो वह ईरान का पुल या पावर प्लांट तबाह कर देंगे.
President ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, “अब से, जब भी इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज स्ट्रेट में किसी जहाज पर गोली चलाएगा, चाहे वह मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी और डिवाइस या हथियार से हो, तो अमेरिका बमबारी करके एक पुल या पावर प्लांट को नष्ट कर देगा, जिसमें कैपिटल सिटी तेहरान के बगल में या उसमें मौजूद प्लांट भी शामिल हैं.”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जवाब में ईरान के मुख्य मिलिट्री कमांड खतम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने Wednesday को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करता है, तो ईरान पश्चिम एशिया से सभी तेल एक्सपोर्ट को रोक देगा और पूरे इलाके में तेल, गैस, बिजली और इकोनॉमिक इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करेगा.
ईरान ने कहा कि अमेरिका की लगातार धमकियां केवल इस युद्ध को क्षेत्र और उससे आगे तक फैलाने का कारण बनेंगी.
पिछले सप्ताह जारी द वाशिंगटन पोस्ट-इप्सोस के एक सर्वेक्षण के अनुसार, 68 फीसदी अमेरिकी वयस्कों का मानना है कि ईरान के साथ युद्ध लड़ना उचित नहीं है, जबकि 28 फीसदी लोगों ने इसे सही ठहराया.
इस बीच, Tuesday देर रात अमेरिका ने ईरान पर एक और श्रृंखला में हवाई हमले किए, जिसके बाद तेहरान के आसमान में ईरानी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय हो गईं. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने इजरायल सीमा के निकट जॉर्डन के एक शहर पर मिसाइल हमला किया, जिसके बाद बहरीन और सऊदी अरब में भी चेतावनी जारी कर दी गई.
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केके/वीसी