गंगा दशहरा : वाराणसी में 51 बटुकों ने 21 लीटर दूध से मां गंगा का किया दुग्धाभिषेक

वाराणसी, 26 मई . देवी अहिल्याबाई घाट पर गंगा दशहरा का भव्य आयोजन किया गया. भाजपा विधायक नीलकंठ तिवारी ने मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया. वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अनुष्ठान और सामूहिक गंगा आरती के साथ आध्यात्मिक माहौल छाया रहा.

विधायक नीलकंठ तिवारी ने कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “मां गंगा के अवतरण दिवस पर शास्त्रार्क महाविद्यालय के बटुकों और पूज्य संतों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम रखा गया था. प्रत्येक भारतवासी के मन में मां गंगा के प्रति कृतज्ञता का भाव रहता है. माता के रूप में वे हमें कष्टों से मुक्ति, सुख और जीवन की रक्षा प्रदान करती हैं.”

उन्होंने Prime Minister Narendra Modi की गंगा के प्रति समर्पण की सराहना की. उन्होंने कहा, “पीएम मोदी मां गंगा को मातृत्व भाव से देखते हैं. उन्होंने ‘मां गंगा ने बुलाया है’ कहकर नमामि गंगे परियोजना शुरू की. 2014 से पहले काशी में गंगा की जो स्थिति थी, सबने देखी है. घाट जुड़े नहीं थे और एसटीपी भी नहीं थे. आज पीएम मोदी के प्रयासों से बनारस में पांच एसटीपी कार्यरत हैं, गंगा में सीवेज नहीं गिरता, घाट आपस में जुड़ गए हैं और गंदगी-शौच मुक्त हो गए हैं. हम उनके इस भाव का अभिनंदन करते हैं.”

कार्यक्रम समन्वयक डॉ. पवन शुक्ला ने से विशेष बातचीत में बताया, “विधायक नीलकंठ तिवारी के नेतृत्व में 51 बटुकों ने 21 लीटर दूध से मां गंगा का दुग्धाभिषेक किया और गंगा आरती सम्पन्न हुई. गंगा दशहरा पर स्नान करने से पापों का नाश होता है, यह पुण्य बेला है. हम इस कार्यक्रम के माध्यम से समाज को संदेश देना चाहते हैं कि गंगा की रक्षा और समाज कल्याण की जिम्मेदारी हम सबकी है.”

देवी अहिल्याबाई घाट पर आयोजित यह कार्यक्रम भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ. सुबह से ही श्रद्धालु घाट पर पहुंचने लगे थे. वैदिक पद्धति से हवन, मंत्रोच्चार और विशेष आरती के साथ मां गंगा की पूजा की गई. स्थानीय नागरिकों और गंगा भक्तों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही.

गंगा दशहरा हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन गंगा का अवतरण हुआ था. काशी में गंगा आरती और स्नान का विशेष महत्व है. इस अवसर पर श्रद्धालु गंगा स्नान कर पुण्य प्राप्त करते हैं.

एससीएच/पीएम

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