भारत-अमेरिका ऊर्जा साझेदारी पर चर्चा, क्रिस राइट और विक्रम मिस्री की अहम बैठक

नई द‍िल्‍ली, 10 अप्रैल . अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और India के विदेश सचिव विक्रम मिस्री के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर अहम चर्चा हुई. इस बातचीत में भारत-अमेरिका साझेदारी को और मजबूत करने तथा सिविल न्यूक्लियर क्षेत्र सहित कई नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया.

India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘एक्‍स’ पोस्‍ट में कहा, ”Friday सुबह संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और विदेश सचिव विक्रम मिस्री के साथ अमेर‍िका-India ऊर्जा सहयोग के भविष्य पर चर्चा करना बहुत अच्छा रहा. India की ओर से ऐतिहासिक ‘शांति’ बिल पास किए जाने के बाद, हम कोयला गैसीकरण और यूएस एलपीजी निर्यात जैसे अन्य क्षेत्रों के अलावा, सिविल न्यूक्लियर क्षेत्र में भी सहयोग करने के लिए तैयार हैं.”

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट और व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठकें कीं. इन बैठकों में ऊर्जा सुरक्षा, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई.

अमेरिका में भारतीय दूतावास के आध‍िकार‍िक सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स में पोस्‍ट के अनुसार विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संयुक्त राज्य अमेरिका के ऊर्जा सेक्रेटरी क्रिस राइट से मुलाकात की. इस दौरान चर्चा का मुख्य केंद्र ऊर्जा सुरक्षा को आगे बढ़ाना, द्विपक्षीय ऊर्जा व्यापार को गहरा करना और ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के लिए नए रास्ते तलाशना रहा.

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सार्थक चर्चा की. उन्होंने एनएससी के नेतृत्व से मुलाकात की और हिंद महासागर रणनीतिक पहल तथा पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों सहित आपसी रणनीतिक हितों से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया.

इससे पहले विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो के साथ एक अहम मीटिंग की. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी जांच एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के डायरेक्टर काश पटेल समेत सीनियर अमेरिकी अधिकारियों के साथ अलग-अलग बातचीत की. इस बातचीत का मुख्य मुद्दा रक्षा, आतंकवाद का विरोध और क्षेत्रीय सुरक्षा रहा.

India में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत को एक प्रोडक्टिव मीटिंग बताया. उन्होंने कहा कि यह हमारे द्विपक्षीय संबंध, खासकर व्यापार, जरूरी मिनरल्स, रक्षा और क्वाड पर केंद्रित थी.

एवाई/डीकेपी

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