सर्दी से जकड़ रहा है शरीर तो अरंडी के तेल देगा जबरदस्त राहत, चेहरे को भी निखारे

New Delhi, 15 दिसंबर . आयुर्वेद में कुछ ऐसे चमत्कारी और पोषण देने वाले तेलों के बारे में बताया गया है, जो त्वचा की केवल बाहरी देखभाल तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शरीर के भीतर तक जाकर संतुलन स्थापित करते हैं.

ऐसा ही एक तेल है अरंडी का तेल, जिसे आयुर्वेद में मन, शरीर और कोशिकाओं को पुनर्जीवित करने का श्रेय दिया है. यह शरीर में दोषों को संतुलित करने से लेकर मन को शांत करता है.

अरंडी के तेल को आयुर्वेद में वात दोष का नाशक बताया गया है. इसके साथ ही अरंडी का तेल रूखेपन, जकड़न, थकान और मन को शांत करने वाला है और दर्द निवारक भी है. यही कारण है कि इसका उपयोग त्वचा, बाल, जोड़ों और पाचन सभी स्तरों पर किया जाता रहा है. ये तेल त्वचा के अंदर जाकर शरीर को पोषण प्रदान करता है. जोड़ों और मांसपेशियों के लिए अरंडी का तेल लाभकारी है.

सर्दियों में अरंडी के तेल की मालिश शिशु से लेकर बुजुर्गों तक के लिए लाभकारी है. यह रक्त संचार को बढ़ाता है, जकड़न को कम करता है, मांसपेशियों को गहराई से पोषण देकर ऊर्जा लौटाता है और कोशिकाओं को बल देता है. नाभि पर उपयोग करने से पाचन में होने वाली जटिलताएं कम होती हैं, जिससे गैस और भारीपन से राहत मिलती है.

आयुर्वेद में कब्ज को केवल पाचन की समस्या नहीं, बल्कि शरीर में शुष्कता का संकेत माना गया है. कब्ज पेट और आंतों दोनों को कमजोर कर देती है. इसके लिए गुनगुने पानी में कुछ बूंदे अरंडी के तेल की लेना जरूरी है. ये आंतों में नमी को बनाए रखने में मदद करता है और पेट साफ होने में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होती है.

अरंडी का तेल बालों और त्वचा दोनों के लिए लाभकारी है. तेल में रिकिनोलेइक एसिड होता है, जो बालों की जड़ों को पोषण देता है और उन्हें झड़ने से बचाता है. अगर बालों का घनत्व कम हो रहा है तो अरंडी का तेल लाभकारी होगा. यह बालों को मोटा और चमकदार बनाने में मदद करेगा. वहीं, अरंडी का तेल त्वचा के लिए भी लाभकारी है.

चेहरे पर हल्के दाग-धब्बों के लिए अरंडी के तेल को चंदन के फेस पैक के साथ मिलाकर लगा सकते हैं और इसके साथ ही चेहरे की मालिश भी कर सकते हैं. चेहरे पर ग्लो लाने के लिए हफ्ते में दो बार तेल से सर्कुलर मोशन में मालिश करें.

पीएस/वीसी

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