
न्यूयॉर्क, 3 मार्च . दुनिया में इस वक्त काफी तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है. इस बीच अमेरिकी President डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशों में युद्ध में उलझने के अपने पहले के रुख से अलग संकेत दिए हैं. उन्होंने कहा कि “यदि आवश्यकता पड़ी” तो वह ईरान में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं करते.
उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया, ”जैसा कि हर President कहता है, ‘जमीन पर कोई सैनिक नहीं होगा.’ मैं ऐसा नहीं कहता.” अमेरिकी President ने कहा है कि अगर उनकी जरूरत हो तो सैनिकों को ग्राउंड पर भेजा जा सकता है. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसकी जरूरत नहीं होगी.
ताजा हालात को लेकर अमेरिकी President ट्रंप की टिप्पणी से पहले सेंट्रल कमांड ने social media प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी है कि Monday तक अमेरिकी सेना के चार सदस्य मारे गए हैं.
Saturday सुबह ऑपरेशन एपिक फ्यूरी शुरू होने की घोषणा करते समय उन्होंने अमेरिकी सैनिकों को नुकसान होने की संभावना का अंदाजा लगाया था. वीडियो घोषणा में उन्होंने कहा, “ईरानी शासन मारना चाहता है. साहसी अमेरिकी नायकों की जान जा सकती है, और हमारे सैनिक हताहत हो सकते हैं; युद्ध में अक्सर ऐसा होता है.”
ट्रंप ने Monday को पब्लिश हुए इंटरव्यू में न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी “तय समय से बहुत आगे” चल रहा है और “बहुत तेजी से खत्म होने वाला है.” उन्होंने कहा कि ईरान के नेतृत्व को खत्म करने में चार हफ्ते लगने की उम्मीद थी, लेकिन 49 नेता “एक दिन में” मारे गए. मारे गए लोगों में ईरान के सुप्रीम शासक अयातुल्लाह अली खामेनेई भी शामिल थे.
लेकिन, Monday को ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी चार से पांच हफ्ते तक चलेगा, लेकिन अगर यह “इससे कहीं ज्यादा लंबा चलना पड़ा,” तो वह तैयार हैं. संयुक्त राष्ट्र में इजरायल के स्थायी प्रतिनिधि डैनी डैनन ने कहा कि इसमें जितना समय लगेगा, लगेगा.
विदेशों में अमेरिका की कई लड़ाइयों में नाकामी के बाद, अमेरिकी नागरिक उलझनों से सावधान हैं. रॉयटर्स-आईपीएसओएस पोल में यह साफ तौर पर दिखा. रॉयटर्स-आईपीएसओएस पोल में शामिल सिर्फ 27 फीसदी लोगों ने ईरान पर हमले का समर्थन किया, 43 फीसदी फैसले से सहमत नहीं थे और 13 फीसदी इस चीज को लेकर निश्चित नहीं थे.
ट्रंप ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया, “मुझे पोलिंग की परवाह नहीं है. मुझे सही काम करना है. मुझे लगता है कि लोग असल में जो हो रहा है, उससे बहुत प्रभावित हैं.”
उन्होंने इशारा किया कि वह एक “साइलेंट मेजॉरिटी” पर निर्भर थे जो उनके कहे अनुसार “असली पोल” में दिखेगी.
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केके/एएस