
कोलकाता, 30 दिसंबर . केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घुसपैठिये पर टिप्पणी का जवाब देते हुए Chief Minister ममता बनर्जी ने Tuesday को पूछा कि अगर घुसपैठ सिर्फ पश्चिम बंगाल में हो रही थी तो पहलगाम आतंकी हमला और दिल्ली कार बम धमाका कैसे हुआ?
बांकुरा जिले के बरजोरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए Chief Minister ममता बनर्जी ने केंद्र Government पर निशाना साधा.
Chief Minister ने कहा कि वे सोनार बांग्ला नहीं बनाना चाहते, बल्कि राज्य को नष्ट करना चाहते हैं.
इससे पहले दिन में गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में मीडिया को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी Government पर हमला बोला. अमित शाह ने ममता बनर्जी पर राज्य में घुसपैठ की अनुमति देने और साथ ही उन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाया.
अमित शाह के दावों का जवाब देते हुए Chief Minister ममता बनर्जी ने कहा कि अगर घुसपैठिए केवल पश्चिम बंगाल से ही आते हैं, तो पहलगाम और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों के पीछे कौन था? ये घटनाएं कैसे हुईं?”
सीएम ममता बनर्जी ने अमित शाह के उन आरोपों का भी खंडन किया कि उनकी Government ने बंगाल में केंद्र Government की परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई.
ममता बनर्जी ने कहा कि आज आप कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल Government ने केंद्र Government की परियोजनाओं के लिए जमीन नहीं दी. अगर यही दावा है तो बोंगांव के पेट्रापोल और आंदल में नए हवाई अड्डे के लिए जमीन किसने दी? रेलवे ट्रैक कैसे बने? अगर जमीन आवंटित नहीं की गई तो ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) अपना काम कैसे कर रही है? घोक्षडांगा और चांगराबन्धा में जमीन किसने दी?
उन्होंने अमित शाह की इस बात की भी आलोचना की कि राज्य विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा बंगाल में Government बनाएगी.
ममता बनर्जी ने कहा कि पहले तो उन्होंने 200 सीटें जीतने का दावा किया था. अब इस बार वे दो-तिहाई बहुमत की बात कर रहे हैं. कोई आंकड़ा नहीं बता पाए. इस बार वे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करा रहे हैं. उन्हें लगता है कि मतदाताओं के नाम हटाकर वे चुनाव जीत जाएंगे. कम से कम 58 लोगों की जान जा चुकी है. उन्हें बड़ों का आदर करना नहीं आता. क्या आपको शर्म नहीं आती?
उन्होंने आगे कहा कि आज वे एसआईआर के जरिए घुसपैठियों को हटाने का दावा कर रहे हैं. आप अब तक क्या कर रहे थे? मतुआ, अल्पसंख्यकों और हिंदुओं के नाम आज मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं. उन्होंने मुझे बांग्लादेशी भी करार दिया, जबकि मेरा जन्म बीरभूम में हुआ था.
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एमएस/डीकेपी