
New Delhi, 3 मई . India की दिग्गज पहलवान विनेश फोगाट ने गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट को लेकर एक चेतावनी जारी की है. गोंडा को बृज भूषण का गढ़ माना जाता है. विनेश ने कहा कि “अगर उनके या उनकी टीम के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए Government और खेल मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
social media पर शेयर किए गए एक वीडियो में, कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स की पदक विजेता ने गोंडा में 12 से 14 मई तक होने वाले डब्ल्यूएफआई के नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर गंभीर चिंताएं जताई हैं.
नेशनल रैंकिंग प्रतियोगिता के लिए गोंडा जाने के इरादे जाहिर करते हुए, विनेश ने कहा, “मैं भी रैंकिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लूंगी. मेरी टीम और मेरे शुभचिंतक मेरे साथ वहां मौजूद रहेंगे. अगर किसी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो मैं सभी को यह स्पष्ट कर देना चाहती हूं, इसके लिए सीधे तौर पर Government को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.”
विनेश का आरोप है कि प्रतियोगिता के लिए चुने गए वेन्यू से प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं. उन्होंने आरोप लगाया, “प्रत्येक मेहनती एथलीट को वहां उसका हक मिलेगा. इसकी संभावना बहुत कम है और यह लगभग असंभव है. कौन किसके मैच का रेफरी होगा, रेफरी कितने अंक देगा… यह सब बृज भूषण और उनके लोग ही नियंत्रित करेंगे.”
विनेश ने आधिकारिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए, जिसमें खिलाड़ियों का अहम वेट-इन प्रोसेस भी शामिल है. उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि मेहनत करने वाले सभी पहलवानों का वजन निष्पक्ष तरीके से जांचा जाएगा या मैट पर आने वाले नतीजे वास्तव में उनकी मेहनत को दर्शाएंगे.”
एक वीडियो में विनेश ने पहली बार खुलासा किया कि वह उन छह महिला पहलवानों में शामिल थीं, जिन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न की औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी.
विनेश ने कहा, “3 साल पहले, हमने यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाई थी. छह महिला पहलवानों ने पहले ही अदालत के सामने अपनी गवाही दे दी है. जब मामला अभी भी लंबित है, तब मैं इस बारे में बात नहीं करना चाहती थी, लेकिन आज मैं आप सभी को यह बताना चाहती हूं. मैं खुद उन छह पीड़ितों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दर्ज कराई है, और हमारी गवाहियां अभी भी जारी हैं.”
विनेश ने आगे आरोप लगाया कि डब्ल्यूएफआई प्रमुख के पद से बृज भूषण को आधिकारिक तौर पर हटाए जाने के बावजूद, उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह दावा किया कि फेडरेशन पर उनकी मजबूत पकड़ बनी हुई है, और खेल मंत्रालय मूक दर्शक बना रहा.
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आरएसजी