
Patna, 20 अप्रैल . Union Minister गिरिराज सिंह ने Monday को विपक्षी दलों पर महिलाओं के अधिकारों से वंचित करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि जनता का आक्रोश अब महिलाओं द्वारा आयोजित एक नियोजित “जन आक्रोश” रैली के माध्यम से व्यक्त किया जा रहा है.
महिला आरक्षण विधेयक पर गिरिराज सिंह ने कहा, “कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडी ब्लॉक की पार्टियों, जिनमें तृणमूल कांग्रेस, आरजेडी, Samajwadi Party और डीएमके शामिल हैं, ने उस दिन महिलाओं के अधिकारों को छीनने के बाद जश्न मनाया. अब महिलाएं आने वाले दिनों में ‘जन आक्रोश’ रैली निकालने और अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए तैयार हैं. जिस तरह से आपने उनके अधिकारों को छीना है, उसे पूरे देश और महिलाओं ने देखा है.”
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान पर Union Minister गिरिराज सिंह ने कहा, “इसके लिए कौन ज़िम्मेदार था? अभी यह सवाल नहीं है. देश का बँटवारा नेहरू और जिन्ना की महत्वाकांक्षाओं के साथ-साथ गांधी की मध्यस्थता की वजह से हुआ. जो लोग India में रह गए, वे ‘गजवा-ए-हिंद’ के विचार में शामिल हो गए. अगर उस समय सभी मुसलमानों को Pakistan भेज दिया गया होता और सभी हिंदुओं को India ले आया गया होता, तो India एक जन्नत जैसा होता.”
उन्होंने कहा कि टीएमसी की Government जनमत की Government नहीं है, वह गुंडागर्दी की Government है और गुंडागर्दी के बल पर वोटरों को डराती-धमकाती है. टीएमसी के गुंडे संभल जाएं, अन्यथा 4 तारीख को उनका इलाज होगा.
बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, “आज हमारी बहनें Patna में बड़ा आक्रोश मार्च निकाल रही हैं. देश की बहनों को जैसे अपमानित किया गया. जिन नेताओं ने महिला आरक्षण बिल का विरोध किया है. उनके घर की महिलाएं भी आज दुखी हैं. यह विरोध सिर्फ Patna तक सीमित नहीं रहेगा जिलों और प्रखंडों तक जाएगा.”
इससे पहले दिन में Union Minister किरेन रिजिजू ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी को इस कानून का विरोध करने के लिए “परिणाम भुगतने होंगे” और दावा किया कि इसने महिलाओं के अधिकारों के संबंध में उसके रिकॉर्ड पर “काला धब्बा” लगा दिया है.
यह विवाद अब एक बड़ा Political मुद्दा बन गया है, जहां सत्ताधारी गठबंधन इसे महिला सशक्तीकरण के साथ विश्वासघात के रूप में पेश कर रहा है, वहीं विपक्ष संवैधानिक संशोधन पर अपने रुख का बचाव करना जारी रखे हुए है.
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एसएके/पीएम