
हैदराबाद, 20 मई . केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने एक बार फिर दावा किया कि उन्होंने पॉक्सो मामले में अपने बेटे को Police के हवाले कर दिया.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने Wednesday को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने जांच में सहयोग करने के लिए अपने बेटे को Police के हवाले कर दिया.
उन्होंने कहा कि क्या आपने कभी किसी पिता को अपने ही बेटे को Police के हवाले करते देखा है.
उनका यह दावा साइबराबाद Police के बयान के विपरीत है, जिसमें Police ने कहा था कि उन्होंने 16 मई की रात को नारसिंगी में बंदी भगीरथ को गिरफ्तार किया था. बाद में, उसे एक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जिसने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
अपने बेटे की गिरफ्तारी के बाद पहली बार, बंदी संजय राज्य भाजपा दफ्तर आए. पार्टी कार्यकर्ताओं और उनके समर्थकों ने उनका स्वागत किया.
जब उनसे दूसरी पार्टियों की ओर से पद से हटाने की मांगों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि बीआरएस का Lok Sabha में कोई सांसद नहीं है. केसीआर की पार्टी का Lok Sabha में एक भी सांसद नहीं है. अपने फार्महाउस में बैठकर वह कुछ भी बोलते रहते हैं.
उन्होंने कहा कि केसीआर का भ्रष्ट साम्राज्य अपनी जड़ों से ही ढह गया है. हमने उनके परिवार के शासन को खत्म कर दिया, इसीलिए वह मेरे खिलाफ झूठा प्रोपेगेंडा चलाते हैं. केटीआर एक फेक social media फैक्ट्री चलाते हैं.
बंदी संजय ने उन रिपोर्टों को भी बेबुनियाद बताया कि वह एक नई Political पार्टी बनाने की योजना बना रहे हैं.
उन्होंने कहा कि भाजपा में हर कोई एक अनुशासित कार्यकर्ता है. अगर आप पूरी लगन से काम करने वाले किसी पार्टी कार्यकर्ता से उसकी आखिरी इच्छा पूछेंगे तो वह आपको बताएगा कि उसकी मौत के बाद, उसके शरीर को भाजपा के झंडे में लपेटा जाए. पार्टी कार्यकर्ता जानते हैं कि मैं किस तरह का इंसान हूं.
तेलंगाना हाई कोर्ट ने 15 मई को भगीरथ को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था.
8 मई को पेट बशीराबाद Police स्टेशन में भगीरथ के खिलाफ ‘यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण’ पॉक्सो एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद उस पर एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का आरोप लगा था.
पॉक्सो एक्ट की धारा 11 (12 के साथ पठित) और बीएनएस की धारा 74 और 75 के तहत मामला दर्ज किया गया था.
जांच के बाद, अधिकारी ने पीड़िता से बात की, जिसके बाद Police ने पॉक्सो एक्ट की और भी सख्त धाराएं लगा दीं.
Police ने भागीरथ को एक नोटिस जारी किया, जिसमें उसे 13 मई को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया था. वह पेश नहीं हुआ, लेकिन उसने जांच अधिकारी को एक पत्र भेजकर पेश होने के लिए दो दिन का समय मांगा.
हाई कोर्ट द्वारा राहत देने से इनकार करने के बाद Police ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
Police ने बताया कि उसने एक नाबालिग लड़की के साथ यौन उत्पीड़न का अपराध करने की बात स्वीकार कर ली, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया.
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डीकेएम/डीकेपी