
मुरादाबाद, 23 अप्रैल . Samajwadi Party (सपा) के वरिष्ठ नेता एसटी हसन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान मुर्शिदाबाद जिले में हुई हिंसा पर कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए.
मुर्शिदाबाद जिले में वोटिंग के दौरान तृणमूल कांग्रेस से अलग हुए हुमायूं कबीर और टीएमसी कार्यकर्ताओं में टकराव हुआ.
मुरादाबाद में से बातचीत में सपा के वरिष्ठ नेता एसटी हसन ने कहा कि मुर्शिदाबाद में लोगों ने हुमायूं कबीर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. India में हर कोई जानता है कि हुमायूं कबीर भाजपा के एजेंट हैं. उनका एक वीडियो पूरे देश में वायरल हुआ था, जिसमें वे 1,000 करोड़ रुपए लेकर मुसलमानों को बांटने की बात कर रहे थे. इसलिए उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना उचित था, लेकिन हमें आपस में झगड़ा नहीं करना चाहिए था.
उन्होंने Police की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि Police को दोनों पक्षों के साथ समान बर्ताव करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने केवल टीएमसी कार्यकर्ताओं पर ही लाठीचार्ज किया, जबकि हुमायूं कबीर के लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. यह पूरी तरह एकतरफा कार्रवाई है. इतनी भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद लाठीचार्ज से महिलाएं और पुरुष वोट डालने नहीं आ पाए.
उन्होंने भाजपा पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि अब भाजपा भी दादागिरी शुरू कर चुकी है और बूथ लेवल पर भ्रष्टाचार करवाती है.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चुनाव आयोग द्वारा नोटिस मिलने पर सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि चुनाव आयोग पक्षपाती तरीके से काम कर रहा है. बंगाल में जिन लोगों ने गलत बयानबाजी की, उन पर नोटिस जारी नहीं हुआ है. खड़गे के बयान पर आयोग को आपत्ति हो जाती है.
BJP MP अनुराग ठाकुर के वीडियो पर हसन ने कहा कि यह भाजपा ठगों की पार्टी है. भाजपा हिंदुत्व और सनातन धर्म की बात तो करती है, लेकिन असल में हिंदू-मुस्लिम विभाजन की राजनीति कर रही है. देश में विकास, महंगाई, रोजगार, किसान या शिक्षा की कोई राजनीति नहीं चल रही है, केवल हिंदू-मुस्लिम की राजनीति हो रही है. हिमंता बिस्वा सरमा की Government असम में मस्जिदों और दरगाह पर कार्रवाई कर रही है. जबकि, उन्हें जनता से जुड़े मुद्दों पर बात करनी चाहिए.
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डीकेएम/एबीएम