
अलवर, 8 फरवरी . Rajasthan के अलवर जिले में महिला भ्रूण हत्या का एक मामला सामने आया है. Sunday को Police ने एक प्लास्टिक के बंडल से आठ महीने की बच्ची का भ्रूण बरामद किया, जिससे लोगों में गुस्सा है. इस घटना के बाद सामाजिक जागरूकता और Police की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.
यह घटना उस वक्त सामने आई जब गोविंदगढ़ इलाके में बरोली और न्याना गांवों के बीच झाड़ियों में सलवार और पॉलिथीन में लिपटा एक बंडल मिला. बताया जा रहा है कि बंडल Thursday को देखा गया था. हालांकि, लोगों ने इसे कचरा समझकर नजरअंदाज कर दिया था.
Sunday सुबह जब बंडल खोला गया तो ग्रामीणों को उसके अंदर एक बच्ची का भ्रूण मिला. स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, Sunday सुबह Police को घटना की जानकारी दी गई. हालांकि, निवासियों ने आरोप लगाया कि Police करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची, इस दौरान घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा हो गई थी.
ग्रामीणों ने दावा किया कि Police ने देरी का कारण थाने में कर्मचारियों की कमी बताया, जिससे कथित तौर पर स्थानीय लोगों में नाराजगी और गुस्सा फैल गया.
Police के आने से पहले, गांव वालों ने बताया कि उन्होंने भ्रूण को आवारा जानवरों से बचाने की जिम्मेदारी खुद ली. बताया जा रहा है कि निवासियों ने बचे हुए हिस्से के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बनाया ताकि आवारा कुत्ते उसके पास न आ सकें.
गांव वालों ने यह भी आरोप लगाया कि एक Police अधिकारी ने उनकी जल्दबाजी पर असंवेदनशील टिप्पणी की और कथित तौर पर उनसे कहा कि एक हेलीकॉप्टर ले आओ, तभी Police जल्दी आएगी. इस कथित बयान से लोगों में गुस्सा और बढ़ गया.
मौके पर पहुंचने के बाद, Police ने भ्रूण को अपने कब्जे में लेकर उसे गोविंदगढ़ कम्युनिटी हेल्थ सेंटर में भेज दिया. अधिकारियों ने जांच के हिस्से के तौर पर भ्रूण के चारों ओर लिपटी सलवार और अन्य चीजों को भी जब्त कर लिया.
Police अधिकारियों ने बताया कि सलवार पर मिली एक टेलरिंग शॉप की टैग अपराध के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में एक अहम सुराग साबित हो सकती है.
जांचकर्ता फिलहाल कपड़ों के स्रोत का पता लगाने और घटना के आसपास की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सबूतों की जांच कर रहे हैं.
Police ने भरोसा दिलाया है कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और इसमें शामिल लोगों की पहचान करने और उचित कानूनी कार्रवाई करने की कोशिशें की जा रही हैं.
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पीएसके