बलूच कार्यकर्ता फोजिया बलोच की गिरफ्तारी पर मानवाधिकार संगठनों का पाक सरकार पर हमला

क्वेटा, 25 अप्रैल . कई प्रमुख मानवाधिकार संगठनों ने Saturday को Pakistan Police द्वारा बलूच कार्यकर्ता फोजिया बलोच की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की. फोजिया बलोच बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की सदस्य हैं.

फोजिया की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब उनके भाई दादशाह बलोच के कथित तौर पर जबरन गायब किए जाने का मामला सामने आया है. आरोप है कि 21 अप्रैल को Pakistanी सुरक्षा बल उन्हें उनके घर से उठा ले गए थे. तब से उनका कोई पता नहीं है. परिवार ने Police में मामला दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार Police ने शिकायत लेने से इनकार कर दिया.

बीवाईसी के मुताबिक, फोजिया अपने परिवार के सदस्यों के साथ Saturday को कराची प्रेस क्लब पहुंची थीं, जहां वे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने भाई की गुमशुदगी का मुद्दा उठाना चाहती थीं. इसी दौरान Police ने उन्हें हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया.

बलूच यकजेहती कमेटी ने Pakistan Government से फोजिया और उनके भाई को तुरंत रिहा करने की मांग की है. संगठन ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से भी Pakistan को जवाबदेह ठहराने की अपील की.

बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग ‘पांक’ ने इस घटना को पीड़ित परिवारों की आवाज दबाने और न्याय तक पहुंच रोकने की व्यापक नीति का हिस्सा बताया.

बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने कहा कि Pakistan में असहमति के लिए सार्वजनिक जगह तेजी से कम होती जा रही है. जो परिवार अपने लापता परिजनों के बारे में जवाब मांगते हैं, उन्हें डराया-धमकाया जाता है और उनके बुनियादी अधिकार छीने जा रहे हैं.

इससे पहले Thursday को बलूच स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन आजाद ने भी आरोप लगाया था कि Pakistanी अधिकारी बलूच महिलाओं के जबरन गायब किए जाने की घटनाओं को सामान्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं. संगठन के प्रवक्ता शोलन बलोच ने दावा किया कि इस साल अब तक करीब दो दर्जन बलूच महिलाओं को क्वेटा, कराची, खुजदार, केच, आवारान और अन्य इलाकों से जबरन उठाया गया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है और झूठे नैरेटिव के जरिए बलूचिस्तान के आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.

डीएससी

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