
Ahmedabad, 14 अगस्त . भारतीय सशस्त्र बलों की महिला अधिकारियों ने समुद्री साहस, नेतृत्व और टीम भावना की मिसाल पेश करते हुए ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान को सफलतापूर्वक पूरा किया. दक्षिण पश्चिमी वायु कमान (एसडब्लूएसी) के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल पीवी शिवानंद, एवीएसएम, वीएम ने Friday को Ahmedabad स्थित मुख्यालय एसडब्लूएसी में आयोजित समारोह में इस ऐतिहासिक अभियान में शामिल भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना की नौ महिला अधिकारियों को सम्मानित किया.
‘समुद्र प्रदक्षिणा’ तीनों सेनाओं का संयुक्त महिला नौकायन अभियान था. इस अभियान के तहत महिला अधिकारियों ने भारतीय सेना के सेलिंग पोत आईएएसवी त्रिवेणी पर सवार होकर करीब 314 दिनों तक समुद्री यात्रा की. इस दौरान टीम ने चार महासागरों में लगभग 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की. लंबी समुद्री यात्रा के दौरान अधिकारियों को मौसम, समुद्री परिस्थितियों और लगातार बदलती चुनौतियों का सामना करना पड़ा. अभियान की सफलता ने उनके साहस, धैर्य, मानसिक मजबूती और टीम के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया.
सम्मान समारोह के दौरान एयर मार्शल पीवी शिवानंद ने महिला अधिकारियों से बातचीत की और उनके अनुभवों को जाना. उन्होंने अभियान की सफलता को नारी शक्ति और तीनों सेनाओं के बीच उत्कृष्ट समन्वय का शानदार उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान सामने आई कठिन परिस्थितियों का जिस दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ महिला अधिकारियों ने सामना किया, वह असाधारण है. उन्होंने टीम की इच्छाशक्ति, नेतृत्व क्षमता, मानसिक मजबूती और सामूहिक प्रयास की विशेष रूप से सराहना की.
एयर मार्शल ने कहा कि जब किसी लक्ष्य को दृढ़ विश्वास और सामूहिक प्रयास के साथ हासिल करने का संकल्प हो, तो कोई भी काम असंभव नहीं होता. उन्होंने महिला अधिकारियों की उपलब्धि को भारतीय सशस्त्र बलों के लिए गौरव का विषय बताया.
‘समुद्र प्रदक्षिणा’ के दौरान महिला अधिकारियों ने लगभग 314 दिनों तक समुद्र में रहकर करीब 25,500 समुद्री मील की दूरी तय की. यह यात्रा केवल लंबी समुद्री दूरी तय करने तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें शारीरिक और मानसिक दृढ़ता की भी लगातार परीक्षा हुई. समुद्री यात्रा के दौरान बदलते मौसम और परिस्थितियों के बीच टीम ने एक-दूसरे के साथ तालमेल बनाए रखा. अभियान ने यह भी दिखाया कि कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियानों में सफलता के लिए नेतृत्व के साथ-साथ टीमवर्क, अनुशासन और धैर्य कितना महत्वपूर्ण है.
सम्मान समारोह में महिला अधिकारियों ने भी अपनी समुद्री यात्रा के अनुभव साझा किए. उन्होंने अभियान के दौरान सामने आई विभिन्न चुनौतियों, टीम के बीच बेहतर समन्वय और नेतृत्व से जुड़ी सीख के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में निर्णय लेने, एक-दूसरे का सहयोग करने और धैर्य बनाए रखने का महत्वपूर्ण अनुभव दिया. अभियान के दौरान हासिल अनुभव भविष्य में भी चुनौतीपूर्ण अभियानों के लिए उपयोगी साबित होंगे.
‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान को सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और भागीदारी के महत्वपूर्ण उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है. चुनौतीपूर्ण समुद्री अभियान में तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों की संयुक्त भागीदारी ने महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ अंतर-सेवा समन्वय की भावना को भी मजबूत किया है.
एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ ने सभी महिला अधिकारियों को उनकी उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह उपलब्धि युवा महिलाओं को चुनौतीपूर्ण लक्ष्यों को हासिल करने और पारंपरिक सीमाओं को तोड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी.
मुख्यालय एसडब्लूएसी में आयोजित सम्मान समारोह में भारतीय सेना, भारतीय नौसेना, भारतीय तटरक्षक बल, केंद्रीय रिजर्व Police बल (सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इसके अलावा, विभिन्न स्कूलों के बच्चे भी कार्यक्रम में शामिल हुए.
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पीएसके/डीएससी