
New Delhi, 29 जून . Prime Minister Narendra Modi के दूरदर्शी नेतृत्व, सहकारी संघवाद की भावना तथा केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के सतत मार्गदर्शन और समन्वयकारी प्रयासों से Rajasthan की बहुप्रतीक्षित यमुना जल परियोजना को ऐतिहासिक सफलता मिली.
New Delhi में Monday को Rajasthan और Haryana के बीच यमुना जल समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. लगभग तीन दशक से लंबित यह परियोजना अब क्रियान्वयन के निर्णायक चरण में प्रवेश कर गई है. लगभग 34,102 करोड़ रुपए की लागत वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना Rajasthan के जल इतिहास में मील का पत्थर सिद्ध होगी.
समझौते पर हस्ताक्षर के अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा तथा Haryana के Chief Minister नायब सिंह सैनी उपस्थित रहे. इस अवसर पर दोनों राज्यों एवं केंद्र Government के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया.
Rajasthan के Chief Minister भजनलाल शर्मा ने कहा कि Prime Minister मोदी के विकसित India 2047 के विजन में जल सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. Prime Minister के नेतृत्व में देश में जल संरक्षण, जल प्रबंधन और राज्यों के बीच सहयोग की नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है. नर्मदा परियोजना, जल जीवन मिशन, केन-बेतवा लिंक परियोजना एवं राम जल सेतु लिंक जैसी परियोजनाओं की तरह यमुना जल परियोजना भी इसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है.
उन्होंने कहा कि Prime Minister का स्पष्ट विश्वास है कि ‘जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन, विकास और आने वाली पीढ़ियों की समृद्धि की आधारशिला है.’ यही सोच इस ऐतिहासिक समझौते की प्रेरक शक्ति बनी.
Chief Minister ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने दोनों राज्यों के मध्य विश्वास, संवाद और समन्वय का सेतु बनकर इस जटिल विषय का समाधान संभव बनाया. अमित शाह ने प्रत्येक चरण पर व्यक्तिगत रुचि लेकर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनके मार्गदर्शन और सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप तीन दशक से लंबित यह विषय ऐतिहासिक सहमति तक पहुंच सका.
उन्होंने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की तकनीकी एवं प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता की भी सराहना करते हुए कहा कि मंत्रालय के सक्रिय सहयोग से परियोजना की सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को समयबद्ध गति मिली.
Chief Minister ने कहा कि Prime Minister मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन Government ने यह सिद्ध कर दिया है कि Political इच्छाशक्ति, केंद्र-राज्य समन्वय और समयबद्ध निर्णयों के माध्यम से दशकों से लंबित परियोजनाओं को भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि पूर्वी Rajasthan के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना, जल जीवन मिशन और अब यमुना जल परियोजना इसका उत्कृष्ट उदाहरण हैं.
यमुना जल परियोजना के अंतर्गत Rajasthan के हिस्से का 577 एमसीएम यमुना जल Haryana स्थित हथिनीकुंड बैराज से लगभग 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली के माध्यम से चूरू जिले के हंसियावास जलाशय तक पहुंचाया जाएगा. इस परियोजना की अनुमानित लागत 34,102 करोड़ रुपए है.
परियोजना के अंतर्गत 3.6 मीटर व्यास की तीन भूमिगत पाइपलाइनें, निरीक्षण सड़क, कृत्रिम जलाशय तथा आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी. परियोजना के तहत Haryana में भी दस स्थानों पर पेयजल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है, जिससे यह परियोजना दोनों राज्यों के लिए समान रूप से लाभकारी सिद्ध होगी.
Rajasthan Government द्वारा परियोजना की विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर केंद्रीय जल आयोग के ई-पीएएमएस पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है. इसके साथ ही Haryana द्वारा पाइपलाइन अलाइनमेंट को सैद्धांतिक स्वीकृति भी प्रदान की जा चुकी है. परियोजना के निर्माण एवं संचालन के लिए Rajasthan Haryana यमुना वाटर परियोजना-एसपीवी (आरएचवाईडब्ल्यू-एसपीवी) का गठन किया जाएगा.
Chief Minister ने विश्वास व्यक्त किया कि Prime Minister Narendra Modi के नेतृत्व तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रारंभ हुई यह ऐतिहासिक पहल Rajasthan की आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करेगी तथा शेखावाटी सहित प्रदेश के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी.
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डीकेपी/