खंडवा में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू, पथराव में आठ वनरक्षक हुए थे घायल

खंडवा, 29 जून . Madhya Pradesh के खंडवा जिला प्रशासन ने Monday को गुड़ी रेंज के अंतर्गत आने वाले अमाखुजरी वन में वन भूमि पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया. यह कदम अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसक पत्थरबाजी हमले में आठ वन रक्षकों के घायल होने के एक दिन बाद उठाया गया.

वन, Police और राजस्व विभागों के 600 से अधिक कर्मियों को 30 जेसीबी मशीनों के सहयोग से अतिक्रमित भूमि को पुनः प्राप्त करने के लिए तैनात किया गया था.

यह बड़े पैमाने पर की गई कार्रवाई Sunday की झड़प के बाद हुई, जब मानसून के आगमन के बाद वन भूमि पर नई खेती को रोकने की कोशिश कर रहे वन विभाग के 40 सदस्यीय फ्लाइंग स्क्वाड पर कथित तौर पर लगभग 400 अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया था.

वन अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं को कथित तौर पर भीड़ के आगे रखा गया था जबकि अन्य लोगों ने गुलेल और लाठियों से पत्थर फेंककर टीम पर हमला किया, जिससे आठ वन रक्षक घायल हो गए.

हिंसा की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. एहतियात के तौर पर सुरक्षा जैकेट पहने लगभग 60 महिला Policeकर्मियों को घटनास्थल पर तैनात किया गया था.

ऑपरेशन के दौरान, ड्रोन आधारित आंसू गैस प्रणाली ले जा रहे एक Police वाहन में मौजूद आंसू गैस के कनस्तर से रिसाव हो गया, जब वाहन घने जंगल से गुजरा. कनस्तर को तुरंत खोला गया और गैस को सुरक्षित रूप से बाहर निकाल दिया गया. इस घटना से ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ा.

सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे अतिरिक्त Police अधीक्षक महेंद्र तारणेकर ने बताया कि इस संयुक्त अभियान में Police अधिकारियों और लगभग 200 Police constableों के साथ लगभग 400 वनकर्मी शामिल थे.

उन्होंने कहा, “सुबह के समय गीली जमीन के कारण काम धीमा रहा, लेकिन अतिक्रमण वाले क्षेत्र का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा पहले ही खाली करा लिया गया है. स्थिति शांतिपूर्ण है और अब तक कोई विरोध नहीं हुआ है.”

कलेक्टर ऋषभ गुप्ता और Police अधीक्षक अगम जैन ने भी अभियान की निगरानी के लिए वन क्षेत्र का दौरा किया. गुप्ता ने बताया कि वे अभी-अभी घटनास्थल पर पहुंचे हैं और मीडिया से आगे की जानकारी साझा करने से पहले क्षेत्र का निरीक्षण करेंगे.

वन अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने पहले अमाखुजरी वन में लगभग 500 एकड़ अतिक्रमित भूमि को खाली कराया था और नए अतिक्रमण को रोकने के लिए खाइयां खोदी थीं. हालांकि, आरोप है कि लगभग 200 एकड़ भूमि पर दोबारा अतिक्रमण कर खेती शुरू कर दी गई, जिसके चलते नए सिरे से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया.

वन अतिक्रमणों से निपटने के लिए 2025 में गठित एक विशेष फ्लाइंग स्क्वाड के सभी आठ घायल वन रक्षकों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है.

वन अधिकारियों ने कहा कि Sunday के हमले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं जबकि वन विभाग ने भविष्य में अतिक्रमण विरोधी अभियानों के लिए स्थायी Police सुरक्षा की मांग की है.

जिला वन अधिकारी राकेश कुमार दामोर ने बताया कि Sunday के हमले के बाद कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा, “First Information Report दर्ज कर नौ चिन्हित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. अतिक्रमण विरोधी अभियान पर्याप्त सुरक्षा के बीच जारी है.”

एसएचके/पीएम

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