दिल्ली: महरौली में हिंदू सम्मेलन का आयोजन, धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता पर दिया जोर

New Delhi, 15 फरवरी . राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने 100 साल पूरे होने के अवसर पर पूरे देश में हिंदू सम्मेलन आयोजित कर रहा है. इसका उद्देश्य हिंदू समाज को एक साथ जोड़ना और लोगों को धर्म, संस्कृति और परंपराओं के बारे में जागरूक करना है. इन कार्यक्रमों की शुरुआत 25 जनवरी से हुई थी. आज इसका आखिरी दिन है. इस कड़ी में Sunday को दिल्ली के महरौली क्षेत्र में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया.

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक हवन से हुई, जिसके बाद धर्म, संस्कृति और सामाजिक एकता पर केंद्रित विचार रखे गए. सम्मेलन सेवा बस्तियों में किए जा रहे हैं, ताकि आम लोग सीधे तौर पर इसमें भाग ले सकें. इन आयोजनों के जरिए पूजा-पाठ, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश दिया जा रहा है.

गढ़वाल बस्ती में आयोजित इस सम्मेलन की जिम्मेदारी संभाल रहे हीरा सिंह राणा ने से बात करते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सकल हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसकी जिम्मेदारी मुझे सौंपी गई है और मैं इसका अध्यक्ष भी हूं.

उन्होंने कहा, ”सनातन धर्म से जुड़े लोगों की आस्था पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं से जुड़ी होती है, लेकिन हाल के समय में सनातन धर्म पर हो रहे हमले बेहद दुखद हैं. social media के माध्यम से आए दिन ऐसे दृश्य सामने आते हैं, जिनमें धर्म को निशाना बनाया जाता है. यह पीड़ादायक होता है. इसी संदर्भ में संघ द्वारा शुरू की गई यह पहल सकारात्मक और आवश्यक है, क्योंकि यह समाज को एकजुट करने की दिशा में काम कर रही है.”

हेमराज सिंह अत्री ने से बात करते हुए कहा, ”हिंदू सम्मेलन समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य कर रहा है. यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक एकता और पूजा-पाठ में एकाग्रता जैसे विषयों पर भी लोगों का ध्यान आकर्षित करता है.”

उन्होंने आगे इस बात पर चिंता जताई कि आज की पीढ़ी पूजा-पाठ और धार्मिक अनुशासन से धीरे-धीरे दूर होती जा रही है, जबकि ये परंपराएं हिंदू समाज के लिए बेहद जरूरी हैं.

उन्होंने कहा, ”ऐसे सम्मेलन लोगों को अपने सांस्कृतिक मूल्यों से दोबारा जोड़ने में मदद करते हैं और समाज में एकता की भावना को मजबूत करते हैं.”

पीके/वीसी

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