
गुवाहाटी, 14 मई . असम के Chief Minister हिमंता बिस्वा सरमा ने Thursday को कहा कि गुवाहाटी में महत्वाकांक्षी मां कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर परियोजना पर आने वाले दिनों में काम में तेजी आएगी, क्योंकि पुनर्विकास पहल से जुड़ी अधिकांश कानूनी बाधाएं अब दूर हो गई हैं.
social media प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में Chief Minister ने कहा कि उन्होंने कामाख्या कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और नीलाचल पहाड़ी पर स्थित पूजनीय कामाख्या मंदिर के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए राज्य Government की प्रतिबद्धता को दोहराया.
सरमा ने एक्स पर पोस्ट में कहा कि मैंने मां कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की. अधिकांश कानूनी प्रक्रियाएं अब पूरी हो चुकी हैं, इसलिए आने वाले दिनों में काम में तेजी आएगी. हमारा लक्ष्य मां कामाख्या मंदिर आने वाले सभी तीर्थयात्रियों को एक उत्कृष्ट अनुभव प्रदान करना है.
फरवरी 2024 में शुरू की गई 498 करोड़ रुपए की मां कामाख्या एक्सेस कॉरिडोर परियोजना पूर्वोत्तर में सबसे बड़ी मंदिर पुनर्निर्माण पहलों में से एक है, और इसका उद्देश्य देश के सबसे पूजनीय शक्ति पीठों में से एक, ऐतिहासिक कामाख्या मंदिर के आसपास के बुनियादी ढांचे को उन्नत करना है.
इस परियोजना का लक्ष्य मंदिर परिसर में भीड़भाड़ को कम करना और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाना है, विशेष रूप से वार्षिक अंबुबाची मेले जैसे प्रमुख धार्मिक आयोजनों के दौरान, जब लाखों तीर्थयात्री मंदिर में दर्शन करने आते हैं.
अधिकारियों ने बताया कि पुनर्निर्माण योजना में तीन स्तरीय कॉरिडोर का निर्माण और मौजूदा पहुंच मार्गों की चौड़ाई को लगभग 8-10 फीट से बढ़ाकर लगभग 27-30 फीट करना शामिल है.
इस परियोजना का उद्देश्य मंदिर परिसर के आसपास के खुले स्थान को लगभग 3,000 वर्ग फीट से बढ़ाकर 1 लाख वर्ग फीट से अधिक करना भी है.
यह कॉरिडोर परियोजना पीएम-देविन योजना के तहत कार्यान्वित की जा रही है.
इस पुनर्विकास पहल को पहले कानूनी और पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, क्योंकि नीलाचल पहाड़ी पर स्थित मंदिर की विरासत संरचनाओं और भूमिगत जल स्रोतों पर संभावित प्रभाव को लेकर याचिकाएं दायर की गई थीं.
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एमएस/