
सूरत, 14 मई . Prime Minister Narendra Modi की ईंधन बचत और राष्ट्र सेवा की अपील को आईटी सेक्टर ने सकारात्मक प्रतिसाद देते हुए व्यावहारिक रूप दिया है. सूरत समेत Gujarat के आईटी हब में ‘वर्क फ्रॉम होम’ और ‘कारपूलिंग’ अब राष्ट्रहित का नया हथियार बन गया है.
आईटी कंपनी ‘बिज इनसाइट्स’ के सीईओ कुणाल शाह ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि Prime Minister की अपील को गंभीरता से लेते हुए कंपनी ने बड़ा बदलाव किया है. उन्होंने कहा, “हमने अपने लगभग 70 प्रतिशत स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम दे दिया है. केवल क्रिटिकल प्रोजेक्ट्स पर काम करने वाले कर्मचारियों को ही ऑफिस बुलाया जा रहा है. इससे न सिर्फ कर्मचारियों का समय बच रहा है, बल्कि ईंधन की खपत में भी काफी कमी आई है.”
उन्होंने आगे कहा कि इस समय प्रतिस्पर्धा से ऊपर उठकर एक-दूसरे की मदद करने की जरूरत है. कंपनी उन युवाओं को फ्रीलांसिंग के जरिए काम दे रही है, जिनके पास वर्तमान में रोजगार नहीं है, ताकि आर्थिक गतिविधियां जारी रहें.
आईटी क्षेत्र में कार्यरत युवा भी इस मुहिम में पूरी ताकत से जुड़ गए हैं. जैस्मीन परमार ने बताया, “बारडोली से सूरत ऑफिस आने-जाने के लिए मैं अब पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करती हूं या सहयोगियों के साथ कारपूलिंग करती हूं. इससे पेट्रोल की बचत हो रही है.”
ध्रुवी ने कहा, “परिवार में अब हमारी चर्चा होती है कि अगर एक ही रूट पर जाना है तो अलग-अलग गाड़ियों की बजाय एक ही गाड़ी का उपयोग करें. छोटे-छोटे बदलाव से देश के संसाधनों की बचत हो रही है.”
इंटर्न कार्तिक ने बताया, “पब्लिक ट्रांसपोर्ट या कारपूलिंग से न सिर्फ व्यक्तिगत खर्च कम होता है, बल्कि हम देश के ईंधन को भी बचा रहे हैं. अब ऑफिस के अलावा वॉटर पार्क जैसी निजी यात्राओं के लिए भी हम पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दे रहे हैं.”
आईटी कंपनियों का यह बदलाव सिर्फ ईंधन बचत तक सीमित नहीं है. इससे ट्रैफिक भी कम हो रहा है, प्रदूषण में भी कमी आ रही है और कर्मचारियों का वर्क-लाइफ बैलेंस बेहतर हो रहा है. कई अन्य आईटी कंपनियां भी इस मॉडल को अपनाने की तैयारी कर रही हैं.
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एससीएच/डीकेपी