
शिमला, 20 मार्च . Himachal Pradesh Government ने Friday को ग्रामीण पेयजल सेवा को मजबूत करने के लिए केंद्र Government से समझौता किया. इसके तहत New Delhi में जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए.
कार्यक्रम में Chief Minister सुखविंदर सिंह सुक्खू, उपChief Minister मुकेश अग्निहोत्री और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल वर्चुअली शामिल हुए. राज्य की ओर से सचिव (जल शक्ति विभाग) अभिषेक जैन उपस्थित थे, जबकि India Government की ओर से संयुक्त सचिव स्वाति नायक ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.
जेजेएम 2.0 को दिसंबर 2028 तक लागू किया जाएगा. इसके लिए बजट बढ़ाया गया है और इसका ढांचा भी नया बनाया गया है, जिसका मुख्य जोर ग्रामीण पेयजल आपूर्ति क्षेत्र में ढांचागत सुधारों पर होगा.
फिलहाल, सभी ‘सिंगल विलेज स्कीम्स’ (एसवीएस) को प्राथमिकता दी जा रही है, जिनमें वे योजनाएं भी शामिल हैं, जिनके लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही अग्रिम खर्च कर दिया है.
Chief Minister सुक्खू ने कहा कि Himachal Pradesh की भौगोलिक परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हैं. इसकी तुलना दूसरे राज्यों से नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि पहाड़ी इलाकों में निर्माण कार्य की लागत काफी ज्यादा होती है.
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दूसरे राज्यों पर लागू होने वाले नियम-कानून Himachal Pradesh पर नहीं थोपे जाने चाहिए. राज्य Government पंचायती राज संस्थाओं के जरिए जल आपूर्ति योजनाओं के प्रबंधन और वितरण को सक्रिय रूप से बढ़ावा दे रही है.
Chief Minister सुक्खू ने केंद्र Government से जेजेएम के तहत बकाया 1,227 करोड़ रुपए की राशि जारी करने का भी आग्रह किया. उन्होंने बताया कि कई योजनाओं पर काम पूरा हो चुका है, लेकिन अभी तक उनका भुगतान जारी नहीं किया गया है.
उन्होंने कहा कि राज्य Government प्रत्येक घर को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है और जल शोधन के लिए उन्नत और आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाने की दिशा में काम कर रही है.
बढ़े हुए बजट के साथ दिसंबर 2028 तक ‘जल जीवन मिशन’ का विस्तार करने का उद्देश्य कार्यक्रम का पुनर्गठन और पुनर्संयोजन करना है, ताकि सुनिश्चित सेवा वितरण पर जोर दिया जा सके.
इसमें कार्यक्षमता, पानी की गुणवत्ता, जल स्रोतों की निरंतरता और सामुदायिक स्वामित्व पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जिससे जेजेएम 2.0 ग्रामीण पेयजल सेवाओं के लिए एक मजबूत और टिकाऊ राष्ट्रीय मॉडल के रूप में स्थापित हो सकेगा.
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एएसएच/एबीएम