इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर सुनवाई

प्रयागराज, 27 फरवरी . यौन उत्पीड़न के मामले में दर्ज First Information Report और गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है. इस याचिका पर हाईकोर्ट में Friday को सुनवाई होगी. अगर हाईकोर्ट से उन्हें जमानत नहीं मिलती है तो Police उन्हें गिरफ्तार कर सकती है.

जानकारी के अनुसार जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई होगी और अग्रिम जमानत अर्जी में यूपी Government और पांच अन्य को पक्षकार बनाया गया है. हाई कोर्ट के नंबर 72 में फ्रेश कॉज लिस्ट में 142 नंबर पर केस लगा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अधिवक्ता राजर्षि गुप्ता, सुधांशु कुमार और श्री प्रकाश के जरिए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है, जबकि शिकायतकर्ता आशुतोष पांडेय, आरोप लगाने वाले दोनों नाबालिग पीड़ित, हाईकोर्ट लीगल सर्विस कमेटी और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को पक्षकार बनाया गया है.

बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ झूंसी थाने में यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज है. यह मुकदमा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)-2023 की धारा 351(3) के अलावा लैंगिक अपराधों से जुड़ी 6 अन्य धाराओं में दर्ज हुआ है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य के खिलाफ शिकायत तुलसी कुंज के आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने दर्ज कराई है.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 14 और 17 साल के दो नाबालिग लड़कों का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आश्रम में खुद स्वामी और उनके साथियों ने एक साल से ज्यादा समय तक बार-बार यौन शोषण किया. इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब दो नाबालिग पीड़ित माघ मेले के दौरान उनके (शिकायतकर्ता) पास आए, उन्हें अपने यौन शोषण के बारे में बताया और Police सुरक्षा पाने में भी उनकी मदद मांगी.

First Information Report में शिकायतकर्ता ने दावा किया, “अविमुक्तेश्वरानंद के दोनों शिष्यों ने उन्हें बताया कि महाकुंभ 2025 और माघ मेला 2026 के दौरान भी उनके साथ यौन शोषण हुआ था. उनसे कहा गया था कि वे इसे ‘गुरु सेवा’ के तौर पर लें और भविष्य में उन्हें इसका लाभ मिलेगा.”

आरोप लगाए गए हैं कि दोनों नाबालिगों को आश्रम में अकेले या साथ में बिना कपड़ों के सोने के लिए मजबूर किया गया. उन्हें धमकी दी गई, और फिर रात में उनका यौन शोषण किया गया. First Information Report में यह भी दावा किया गया है, “हाल ही में माघ मेले के दौरान भी, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने नाबालिग पीड़ितों का खड़ी कार के अंदर और एक अस्थायी कैंप के अंदर भी यौन शोषण किया.”

एसएके/एएस

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