
चंडीगढ़, 11 अप्रैल . Haryana के Police महानिदेशक (डीजीपी) अजय सिंघल ने social media पर ‘गन कल्चर’ को बढ़ावा देने और आपत्तिजनक या गुमराह करने वाले कंटेंट के खिलाफ चेतावनी दी है. उन्होंने Saturday को कहा कि ऐसी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
डीजीपी अजय सिंघल ने जानकारी दी कि 1 जनवरी से 10 अप्रैल के बीच कुल 6,083 आपत्तिजनक, गुमराह करने वाले और कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले यूआरएल, कंटेंट, ऐप्स और वेबसाइट्स को हटा दिया गया है.
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, विस्तृत आंकड़ों से पता चलता है कि इनमें से 4,278 यूआरएल मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पोस्ट शामिल हैं) से जुड़े थे. 1,172 यूट्यूब लिंक थे और 372 social media प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर किए गए पोस्ट थे. इसके अलावा, 167 पोस्ट अन्य प्लेटफॉर्म से, जबकि 53 टेलीग्राम, 36 रेडिट और 5 स्नैपचैट से किए गए थे.
डीजीपी ने चेतावनी देते हुए कहा कि हथियारों, हिंसा को बढ़ावा देने वाले, महिलाओं से जुड़ा अश्लील कंटेंट दिखाने वाले, बच्चों और लड़कियों को अभद्र और आपत्तिजनक तरीके से पेश करने वाले, और Haryana व उसके लोगों की नकारात्मक छवि दिखाने वाले फर्जी कंटेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी गतिविधियां न सिर्फ सामाजिक मूल्यों को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि राज्य में शांति और सद्भाव को भी प्रभावित करती हैं.
उन्होंने आगे कहा कि Chief Minister नायब सिंह सैनी भी इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं, और राज्य Government एक सकारात्मक सामाजिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. Chief Minister के मार्गदर्शन में, ऐसी असामाजिक और गुमराह करने वाली गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं.
उन्होंने सभी नागरिकों, विशेष रूप से युवाओं और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की कि वे social media का जिम्मेदारी से उपयोग करें और समाज में सकारात्मक संदेश फैलाने में योगदान दें. उन्होंने चेतावनी दी कि कोई भी व्यक्ति, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अशांति फैलाने, गलत जानकारी फैलाने या सांस्कृतिक मूल्यों को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेगा, उसे सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.
Haryana Police ने दोहराया कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और कोई भी ऐसी गतिविधि जो सामाजिक ताने-बाने को कमजोर करती है, उसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
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डीसीएच/