
Mumbai , 14 अप्रैल . Maharashtra प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने Tuesday को दो एमबीए छात्रों की मौत पर चिंता जताई. आरोप है कि 11 अप्रैल की रात एक म्यूजिक इवेंट में शामिल होने के बाद नशे की ओवरडोज से उनकी मौत हो गई.
उन्होंने दावा किया कि अवैध नशीले पदार्थों का व्यापार Government के कथित संरक्षण में फल-फूल रहा है. उन्होंने भाजपा-महायुति Government पर Maharashtra के युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने का आरोप लगाया.
सपकाल ने कहा कि गोरेगांव के नेस्को कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक लाइव म्यूजिक कॉन्सर्ट में शराब और नशीले पदार्थों का सेवन खुलेआम किया जा रहा था.
उन्होंने आरोप लगाया कि Police और Governmentी तंत्र तब तक निष्क्रिय रहे जब तक नशे के सेवन से दो लोगों की जान नहीं चली गई, और अब केवल दिखावटी कार्रवाई शुरू की गई है.
उन्होंने पूछा, “Mumbai के एक हिस्से में 4,000-5,000 युवाओं वाली एक ड्रग पार्टी का पता लगाने में Police कैसे नाकाम रही?”
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ड्रग और शराब पार्टियां Mumbai Police और Governmentी एजेंसियों की नाक के नीचे खुलेआम हो रही हैं, जो गृह विभाग और पूरी व्यवस्था की भारी विफलता को दर्शाता है.
कांग्रेस नेता ने Maharashtra के संस्कारी युवाओं को नशे की लत में धकेलने के लिए भाजपा-महायुति Government के लापरवाह शासन को दोषी ठहराया.
सपकाल ने दावा किया कि जब एक उपChief Minister के किसी रिश्तेदार के फार्महाउस पर नशीले पदार्थों के निर्माण की एक यूनिट का भंडाफोड़ हुआ था, तब भी इस मामले को केवल ऊपरी कार्रवाई करके रफा-दफा कर दिया गया था.
उन्होंने इसे बेहद गंभीर बताया कि Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने कथित तौर पर ऐसे मामलों में क्लीन चिट दे दी.
उन्होंने पूछा, “नाशिक, छत्रपति संभाजीनगर और सोलापुर की घटनाओं ने राज्य में नशीले पदार्थों के खुले व्यापार को पहले ही उजागर कर दिया था, फिर भी Government नहीं जागी. चाहे वह ड्रग माफिया ललित पाटिल हो, नाशिक ड्रग मामला हो, या सतारा (Maharashtra) में ड्रग फैक्ट्री हो, Maharashtra ने ऐसे मामलों के तार कथित तौर पर Government के भीतर प्रभावशाली लोगों तक पहुंचते देखे हैं. क्लीन चिट बांटने के बजाय कार्रवाई करने के लिए फडणवीस Government को और कितनी मौतों का इंतजार है?”
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एएसएच/एमएस