
पौड़ी, 1 जून . उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल में बढ़ते पलायन और प्रशासनिक उपेक्षा को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने राज्य Government पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि पौड़ी उत्तराखंड आंदोलन का केंद्र रहा है और राज्य गठन में इस क्षेत्र की भूमिका को कभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि राज्य बनने के बाद सबसे ज्यादा उपेक्षा इसी जिले की हुई है.
हरक सिंह रावत ने कहा कि पौड़ी मंडल मुख्यालय होने के बावजूद यहां वे अधिकारी नहीं बैठते जिन्हें यहां तैनात होना चाहिए. उनका आरोप है कि शिक्षा, उद्यान, राजस्व और अन्य विभागों के अधिकांश वरिष्ठ अधिकारी देहरादून में बैठकर काम कर रहे हैं. ऐसे में मंडल मुख्यालय का महत्व ही खत्म होता जा रहा है. उन्होंने कहा कि जब मंडल स्तर के अधिकारी पौड़ी में नहीं बैठेंगे तो स्थानीय समस्याओं का समाधान कैसे होगा और पहाड़ के विकास की उम्मीद कैसे की जा सकती है.
उन्होंने कहा कि यही वजह है कि पहाड़ों से लगातार पलायन बढ़ रहा है. लोगों को छोटी-छोटी प्रशासनिक जरूरतों के लिए देहरादून का रुख करना पड़ता है. इससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी होती है. उनका कहना है कि यदि स्थानीय स्तर पर प्रशासन मजबूत होगा, तभी लोगों को अपने क्षेत्र में रोजगार, सुविधाएं और बेहतर जीवन मिल सकेगा.
हरक सिंह रावत ने यह भी सवाल उठाया कि यदि आज मंडल मुख्यालय के अधिकारी पौड़ी में नहीं बैठ रहे हैं तो भविष्य में गैरसैंण को राजधानी बनाए जाने की स्थिति में वहां अधिकारियों के बैठने की उम्मीद कैसे की जा सकती है. उन्होंने कहा कि Government को इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और अधिकारियों की नियमित मौजूदगी सुनिश्चित करनी चाहिए.
उन्होंने बताया कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आंदोलन की तैयारी कर रही है. राहुल गांधी के कार्यक्रम के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक बड़ी रैली और मंडल मुख्यालय का घेराव किया जाएगा. उनका कहना है कि यदि पौड़ी की उपेक्षा जारी रही तो कांग्रेस इस लड़ाई को और मजबूती से उठाएगी.
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पीआईएम/वीसी