
पुणे, 30 मई . Maharashtra के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. इस घटना में अब तक 17 से 18 लोगों की जान जाने की बात सामने आई है. मामले को लेकर Maharashtra Government में मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि Government पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जो लोग भी जिम्मेदार हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
Maharashtra Government में मंत्री गिरीश महाजन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब में मिथेनॉल मिलाया गया था, जिसकी वजह से यह जहरीली बन गई. उन्होंने बताया कि सस्ती शराब मिलने के कारण बड़ी संख्या में मजदूर वर्ग के लोगों ने इसका सेवन किया, जिसके चलते यह दुखद घटना हुई.
महाजन ने कहा कि जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिवारों को राज्य Government की ओर से पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है. इसके अलावा नगर निगम की तरफ से एक लाख रुपये की अतिरिक्त मदद भी दी जाएगी. उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक ने भी घोषणा की है कि जिन परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य को खोया है, वहां परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परिवार को भविष्य में सहारा मिल सके.
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है. साथ ही जिन अधिकारियों की जिम्मेदारी के दौरान यह लापरवाही हुई, उनके खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है. कई Police अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है. आबकारी विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई हुई है और कई अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है. उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.
मंत्री ने यह भी कहा कि Chief Minister ने पूरे Maharashtra में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में कहीं भी हाथभट्टी या अवैध शराब का कारोबार नहीं चलने दिया जाएगा. यदि किसी क्षेत्र में ऐसा कारोबार चलता पाया गया तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितने ही वरिष्ठ पद पर क्यों न हों.
दूसरी ओर, विपक्ष ने इस घटना को लेकर Government पर निशाना साधा है. एनसीपी (एसपी) नेता जितेंद्र आव्हाड ने कहा, “यह Maharashtra के लिए बहुत शर्मनाक बात है. मुझे याद है जब आर. आर. पाटिल गृह मंत्रालय संभाल रहे थे, तब भी ऐसी ही एक घटना हुई थी. उन्होंने बहुत सख़्त कदम उठाया था. और उस दिन से, Mumbai में शराब का सारा अवैध धंधा बंद हो गया था. हालांकि ऐसी जगहें बहुत कम थीं, लेकिन एक समय था जब अवैध शराब पीने से मरने वालों की संख्या बहुत ज्यादा होती थी. उस समय वह सिस्टम बंद हो गया था, लेकिन अब यह सिस्टम फिर से शुरू हो गया है.”
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पीआईएम/डीएससी