
New Delhi, 19 जुलाई . केंद्र Government Monday से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पांच नए विधेयक पेश करने जा रही है. इनमें आयकर और एमएसएमई सुधार, Supreme Court में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण कानून में बदलाव से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं.
18वीं Lok Sabha के आठवें सत्र के दौरान Government आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 और Supreme Court (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करेगी. इन दोनों विधेयकों के जरिए पहले जारी अध्यादेशों की जगह कानून बनाया जाएगा. इसके अलावा Government जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 भी सदन में पेश करेगी.
आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य पहले जारी अध्यादेश का स्थान लेना है. इसे India के सॉवरेन डेट मार्केट को मजबूत करने, वैश्विक पूंजी निवेश आकर्षित करने और वैश्विक भू-Political तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव तथा आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बीच बाजार में तरलता बढ़ाने के लिए पेश किया जा रहा है.
पिछले महीने Government ने पश्चिम एशिया संकट के कारण रुपए पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए विदेशी पूंजी आकर्षित करने हेतु अध्यादेश जारी किया था. इसके तहत विदेशी निवेशकों को Governmentी प्रतिभूतियों से मिलने वाले ब्याज और पूंजीगत लाभ पर आयकर से छूट दी गई थी.
Supreme Court (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 के जरिए India के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को छोड़कर Supreme Court के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने का प्रस्ताव है. इसका उद्देश्य लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे में मदद करना है.
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और भरोसे पर आधारित नियामकीय व्यवस्था को बढ़ावा देना, भुगतान में देरी से जुड़े मामलों के समाधान की व्यवस्था को मजबूत करना तथा राज्यों को अधिक अधिकार देना है.
जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत 1969 के मूल कानून (जिसमें 2023 में भी संशोधन किया गया था) की धारा 13(3) में बदलाव कर जन्म और मृत्यु के विलंबित पंजीकरण से जुड़े नियमों को अधिक सख्त और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा.
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 का उद्देश्य 1971 के कानून में संशोधन कर राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान या राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले कृत्यों के खिलाफ अधिक कड़ी कार्रवाई का प्रावधान करना है.
इसके अलावा Government संसद में पहले से लंबित दो विधेयकों पर भी चर्चा आगे बढ़ाएगी. इनमें विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, जिसे 25 मार्च 2026 को Lok Sabha में पेश किया गया था, तथा विकसित India शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025, जिसे 15 दिसंबर 2025 को पेश करने के बाद आगे विचार के लिए संसद की संयुक्त समिति को भेजा गया था, शामिल हैं.
विधायी कार्यों के अलावा Government वर्ष 2022-23 के अनुपूरक अनुदानों की मांग भी संसद में चर्चा और मतदान के लिए पेश करेगी.
20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलने वाले मानसून सत्र में Government और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना है. सत्र के पहले दिन दोनों सदनों में विपक्षी दलों के नेता संयुक्त रणनीति तय करने के लिए बैठक करेंगे.
मानसून सत्र से पहले Government ने 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है, जिसमें Political दलों को Government के विधायी एजेंडे और सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले प्रमुख विधेयकों की जानकारी दी जाएगी.
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एबीएस