Skip to content
Tuesday, 27 October 2026
Hindi Daily Kiran India, Rajasthan, business, sports, tech और अन्य श्रेणियों की ताज़ा हिन्दी ख़बरें।
BREAKING
अपराध,राजनीति,राष्ट्रीय

सरकार मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेगी: प्रफुल्ल पानसेरिया

Government मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों को नहीं बख्शेगी: प्रफुल्ल पानसेरिया

Ahmedabad/गांधीनगर, 24 जून . Gujarat के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया ने Wednesday को कहा कि राज्य Government Ahmedabad जिले में पकड़े गए कथित ब्लड प्लाज्मा मिलावट रैकेट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी. उन्होंने जीवन रक्षक मेडिकल सप्लाई के साथ छेड़छाड़ को गंभीर अपराध बताया, जिससे मरीजों की सेहत को खतरा पैदा हुआ.

उनका यह बयान Ahmedabad ग्रामीण Police के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (एसओजी) द्वारा एक रैकेट का भंडाफोड़ करने के एक दिन बाद आया है. इस रैकेट पर आरोप है कि चांगोदर की एक फार्मास्युटिकल कंपनी तक खेप पहुंचने से पहले असली ब्लड प्लाज्मा यूनिट्स को मिलावटी सामान से बदल दिया जाता था.

इस मामले में कथित मास्टरमाइंड समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि जांचकर्ता इस ऑपरेशन के पीछे के बड़े नेटवर्क की जांच कर रहे हैं.

पानसेरिया ने कहा कि Government मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शेगी. एक पारदर्शी और निष्पक्ष जांच से सभी जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

उन्होंने इस कथित धोखाधड़ी का पर्दाफाश करने के लिए Ahmedabad एसओजी और इसमें शामिल अधिकारियों को बधाई भी दी.

जांचकर्ताओं के अनुसार, यह ऑपरेशन असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मुकेशसिंह दौलतसिंह और कॉन्स्टेबल मेरूभा घनश्यामसिंह को चांगोदर Police स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में मिली खास खुफिया जानकारी के बाद शुरू किया गया था.

इसके बाद Police ने एक संदिग्ध व्यक्ति पर निगरानी रखी और एक ऐसी योजना का खुलासा किया जिसे उन्होंने सुव्यवस्थित बताया. इस योजना में ब्लड प्लाज्मा की खेप को दूसरी जगह भेजने और उसमें मिलावट करने का काम किया जा रहा था.

Police ने बताया कि मुख्य आरोपी, बनासकांठा जिले के दिनेश चौधरी, पहले फार्मास्युटिकल कंपनियों में ब्लड प्लाज्मा कलेक्शन एग्जीक्यूटिव के तौर पर काम कर चुके थे.

जांच करने वालों का आरोप है कि उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान मिली तकनीकी जानकारी का इस्तेमाल करके जितेंद्र सोलंकी और रफीक खलीफा के साथ मिलकर इस काम को अंजाम दिया. ये दोनों प्लाज्मा कंसाइनमेंट ले जाने वाली गाड़ी के ड्राइवर और को-ड्राइवर थे.

Police ने आगे बताया कि जब भी Maharashtra भर के ब्लड बैंकों से ब्लड प्लाज्मा का कंसाइनमेंट इकट्ठा किया जाता था, तो ट्रांसपोर्ट टीम चौधरी को इसकी जानकारी देती थी.

चांगोदर में फार्मास्युटिकल कंपनी तक कंसाइनमेंट पहुंचाने से पहले, गाड़ी को कथित तौर पर चौधरी के घर ले जाया जाता था.

जांच करने वालों का आरोप है कि वहां असली प्लाज्मा यूनिट्स को हटाकर उनकी जगह मिलावटी प्लाज्मा बैग रख दिए जाते थे, जबकि डिलीवरी के लिए जरूरी मात्रा बनाए रखी जाती थी.

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य Government ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और घटना की विस्तृत जांच शुरू कर दी है.

–

एमएस/

Share