किसानों को ओलावृष्टि से भारी नुकसान, 2027 में अखिलेश यादव बनाएंगे सरकार: मोहिबुल्लाह नदवी

रामपुर, 26 अक्टूबर . Samajwadi Party के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने किसानों को ओलावृष्टि से हुए नुकसान, जामिया मिलिया इस्लामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग, आजम खान के विश्वविद्यालय पर Enforcement Directorate (ईडी) की कार्रवाई और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी. उन्होंने Government पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि जनता बदलाव चाहती है. नदवी ने दावा किया कि वर्ष 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में Government बनेगी.
सांसद ने कहा कि किसानों को ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने बताया कि वह मेले में जाने के बाद बिलासपुर चीनी मिल के पास स्थित फूलसुंसा गांव पहुंचे, जहां फसलों को काफी क्षति हुई है. करीब ढाई से तीन हजार बीघा जमीन पर ओलावृष्टि का असर पड़ा है. धान की फसल पूरी तरह बर्बाद होने के साथ गन्ने की खेती को भी नुकसान पहुंचा है. नदवी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में Government और जिलाधिकारी को पत्र लिखकर जांच कराने तथा किसानों को जल्द पूरा मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि किसान की मेहनत और कमाई में बहुत पसीना लगता है और देश के लोगों को अनाज उपलब्ध कराने में किसान की अहम भूमिका है. उन्होंने मीडिया के माध्यम से भी किसानों के नुकसान की भरपाई की अपील की.
जामिया मिलिया इस्लामिया में धरने को लेकर नदवी ने कहा कि आंदोलन का पहला और महत्वपूर्ण उद्देश्य छात्रसंघ को बहाल कराना है. उन्होंने कुलपति से छात्रसंघ को जल्द बहाल करने और विद्यार्थियों को विश्वास में लेने की अपील की. उन्होंने सवाल उठाया कि जब दिल्ली विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ की व्यवस्था हो सकती है, तो जामिया के साथ अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है. नदवी ने अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे पर कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत उसका सामना करेंगे. उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थियों के अधिकारों को छीना जाएगा, तो वह जामिया समेत देश के किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय के छात्रों के समर्थन में आवाज उठाएंगे.
आजम खान के खिलाफ लगातार कार्रवाई और उनके विश्वविद्यालय पर ईडी की कार्रवाई के सवाल पर नदवी ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए मामले Political प्रकृति के हैं. उन्होंने कहा कि जो मामले अदालतों में विचाराधीन हैं, उन पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. ईडी की कार्रवाई को लेकर उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ पार्टी कई लोगों के मामलों में ईडी, सीबीआई और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल करती है. आजम खान के विश्वविद्यालय के मामले में भी इसी तरह की कार्रवाई की जा रही है. आजम खान के खिलाफ कार्रवाई को उनके दामन पर दाग से जोड़ने के सवाल पर नदवी ने अपने खिलाफ दर्ज First Information Report का उदाहरण देते हुए कहा कि अधिकारों की आवाज उठाने पर भी मुकदमे दर्ज हो सकते हैं.
नदवी ने प्रदेश और देश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि Government का प्रशासनिक इंतजाम विफल हो चुका है. उन्होंने मॉब लिंचिंग की घटनाओं, गरीबों को उचित इलाज नहीं मिलने और स्कूलों से जुड़ी समस्याओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं और जनता इन मुद्दों को याद रख रही है. लोग Political बदलाव चाहते हैं और 2027 में अखिलेश यादव के नेतृत्व में Government बनाने का मन बना चुके हैं.
असदुद्दीन ओवैसी के उत्तर प्रदेश की राजनीति पर असर डालने के सवाल पर नदवी ने कहा कि नफे-नुकसान का मालिक अल्लाह है. इसके बाद उन्होंने हैदराबादी बिरयानी की तुलना उत्तर प्रदेश की मशहूर बिरयानी से करते हुए तंज किया कि यहां आलम और टांडे की बिरयानी अधिक पसंद की जाती है और ओवैसी की हैदराबादी बिरयानी उत्तर प्रदेश में नहीं चलेगी.
हिंदू देवी-देवताओं के बारे में Samajwadi Party नेता राजकुमार भाटी की टिप्पणी से जुड़े सवाल पर नदवी ने कहा कि धर्म व्यक्ति के जमीर का मामला है और संविधान तथा कानून धर्म बदलने की अनुमति देते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा Government के दौर में मुसलमानों, दलितों, सिखों और ईसाइयों के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश हो रही है. मस्जिदों को गिराने और बिना नोटिस कार्रवाई किए जाने के आरोपों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर हमला होने पर लोग सड़कों पर उतरकर आवाज उठाते हैं. नदवी ने कहा कि गांधी के देश में आखिरकार सत्य और अधिकारों की जीत होगी.
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पीएसके


