हिंदू-मुस्लिम राजनीति से ऊपर उठे सरकार, बांग्लादेश के हालात पर भी दें ध्यान: इमरान मसूद

New Delhi, 23 दिसंबर . बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को लेकर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र Government और Prime Minister पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ देश के अंदर हिंदू-मुस्लिम राजनीति ही नजर आती है, लेकिन पड़ोसी देश बांग्लादेश में जो हो रहा है, उस पर उनका कोई ध्यान नहीं है.

इमरान मसूद ने साफ कहा कि यह मामला सिर्फ हिंदुओं का नहीं है, बल्कि वहां सभी अल्पसंख्यकों को एक तरह से कुचला जा रहा है. उन्होंने कहा कि केंद्र Government को लगता है कि हिंदू-मुसलमान सिर्फ India में ही हैं. बांग्लादेश में जो लोग परेशान हैं, जो माइनॉरिटीज हैं, उनकी तरफ Government की कोई सुध नहीं है. उनका कहना है कि बांग्लादेश में हालात लगातार खराब हो रहे हैं और वहां अल्पसंख्यकों पर हमले बढ़ते जा रहे हैं.

उन्होंने हालिया दौरों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी पश्चिम बंगाल गए, वहां चुनावी भाषण दिए और असम गए, वहां भी चुनावी भाषण दिए. लेकिन, सवाल यह है कि बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू क्या हमारे रिश्तेदार नहीं हैं? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे यहां के हिंदुओं को तो देखते हैं, लेकिन उधर जो लोग मुश्किल में हैं, उनकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा.

इमरान मसूद ने यह भी कहा कि पहले भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया था. उन्होंने कहा कि जब हमने संसद में खड़े होकर प्रदर्शन किया था, तब जाकर India Government की आंख खुली थी. उस वक्त कांग्रेस ने मांग की थी कि कम से कम बांग्लादेश में India के राजदूत को बुलाकर वहां की Government को नोटिस तो दिया जाए और कड़ा संदेश भेजा जाए.

उन्होंने बांग्लादेश को लेकर Government से सख्त रुख अपनाने की मांग की. इमरान मसूद ने कहा कि अगर बांग्लादेश India विरोधी अड्डा बनता जा रहा है, तो India को अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए वहां सख्ती दिखानी चाहिए. उन्होंने कहा कि शेख हसीना इस वक्त India में हैं और उनकी पार्टी की एक बड़ी नेता भी यहां मौजूद हैं. ऐसे में India Government को मजबूत कदम उठाने की जरूरत है.

इमरान मसूद ने कहा कि हमारा बनाया हुआ मुल्क आज हमें आंख दिखा रहा है और Government चुपचाप बैठी हुई है. उनका कहना है कि अगर India ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में हालात और बिगड़ सकते हैं.

पीआईएम/एबीएम

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