भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति अपना रही सरकार, दोषियों पर होगी कार्रवाई: राजेंद्र शुक्ला

Bhopal , 7 जुलाई . Madhya Pradesh के उपChief Minister और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा और डॉक्टरों की उपलब्धता से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर Government का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि राज्य Government भ्रष्टाचार के मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है. साथ ही स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाती है.

राजेंद्र शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “हमारी Government जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करती है. यदि किसी प्रकार की कमी, लापरवाही या भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आती है तो उसकी पूरी जांच कराई जाती है. जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है.”

इंदौर में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, “वहां पैरामेडिकल कर्मचारियों की आवश्यकता अधिक होने के कारण अस्थायी व्यवस्था की गई है. इंदौर में मैनपावर की जरूरत को देखते हुए स्वीकृत पदों में से 35 कर्मचारियों को आसपास के स्वास्थ्य केंद्रों से प्रतिनियुक्ति (डेपुटेशन) पर लाया गया है. जैसे ही संबंधित केंद्र पूरी तरह शुरू हो जाएगा, इन सभी कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल पर वापस भेज दिया जाएगा.”

राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की गाइडलाइन और मेडिकल कॉलेजों में एनआरआई कोटे को लेकर उपChief Minister ने कहा कि राज्य Government आयोग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन करती है. उन्होंने कहा, “एनएमसी समय-समय पर अपनी गाइडलाइन, मैनुअल और एडवाइजरी जारी करता है. राज्य Government यह सुनिश्चित करती है कि नीट परीक्षा के बाद एनआरआई कोटे सहित प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की कमी न रहे. हाल ही में जारी एडवाइजरी का भी पूरी तरह पालन कराया जाएगा.”

ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन Government इसे दूर करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. उन्होंने बताया कि नए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की घोषणा के साथ ही आवश्यक पद भी स्वीकृत किए जाते हैं और जल्द से जल्द भवन निर्माण पूरा कराने की दिशा में काम किया जाता है.

इंदौर के खजराना क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण में हो रही देरी पर उन्होंने कहा कि वहां आवंटित भूमि पर अतिक्रमण और कब्जा नहीं मिलने जैसी समस्याओं के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका. उन्होंने कहा, “भूमि से जुड़े सभी विवादों का समाधान कर स्वास्थ्य विभाग को विधिवत कब्जा दिलाने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा.”

एससीएच/डीकेपी

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