होर्मुज स्‍ट्रेट में तीन टैंकरों पर हमले, सऊदी और कतर के जहाजों को नुकसान

लंदन, 7 जुलाई . यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने Tuesday को बताया कि होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले तेल टैंकरों पर तीन अलग-अलग हमले हुए हैं. इन तीनों घटनाओं में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.

पहली घटना की जानकारी यूकेएमटीओ को Monday रात 2119 यूटीसी पर मिली. इसमें बताया गया कि ओमान के लिमाह से करीब आठ समुद्री मील पूर्व में दक्षिण की ओर जा रहे एक टैंकर के बाईं तरफ एक अज्ञात वस्तु टकराई, जिससे उसमें आग लग गई.

दूसरी घटना की जानकारी Tuesday को दी गई. इसमें एक टैंकर को किसी अज्ञात वस्तु से नुकसान पहुंचने की बात कही गई और माना जा रहा है कि उसके ढांचे को नुकसान हुआ है.

तीसरी और सबसे नई घटना की जानकारी यूकेएमटीओ को Tuesday को 1305 यूटीसी पर मिली. इसमें बताया गया कि एक और टैंकर को ड्रोन से हमला किया गया, जिससे उसे हल्का ढांचागत नुकसान हुआ. यह जहाज अभी भी अपने अगले बंदरगाह की ओर जा रहा था.

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, तीन में से दो जहाजों की पहचान हो चुकी है. इनमें से एक सऊदी अरब के झंडे वाला कच्चे तेल का टैंकर है, जबकि दूसरा कतर का तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) टैंकर है.

इससे पहले Tuesday को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की नौसेना ने दो ऐसे टैंकरों को निशाना बनाया था, जो अमेरिका समर्थित ओमानी रास्ते से होर्मुज स्‍ट्रेट पार करने की कोशिश कर रहे थे. ईरान की अर्ध-Governmentी समाचार एजेंसी फार्स ने बताया कि इन जहाजों ने चेतावनी नहीं मानी थी.

फार्स न्‍यूज एजेंसी ने स्वतंत्र सैन्य पर्यवेक्षक मेन्चोसिंट के ‘एक्स’ अकाउंट पर साझा की गई सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला देते हुए कहा कि समुद्री यातायात की जानकारी से पता चला कि इन दो टैंकरों पर हमले के बाद जापान, India और पश्चिमी देशों के कई अन्य जहाजों ने अपना रास्ता बदल लिया और जलडमरूमध्य पार करने के लिए ईरान की ओर से बताए गए रास्ते का इस्तेमाल किया.

Tuesday को मीडिया रिपोर्टों में कहा गया कि कतर का एक एलएनजी टैंकर और सऊदी अरब का एक कच्चे तेल का टैंकर होर्मुज स्‍ट्रेट के पास आईआरजीसी की ओर से किए गए कथित मिसाइल हमलों में क्षतिग्रस्त हुए.

कतर के जहाज की पहचान अल रेकय्यात के रूप में की गई है. रिपोर्टों के अनुसार, हमला होने के बाद इस जहाज ने मदद के लिए आपातकालीन संकेत भेजे.

कतर ने Tuesday को अल-रेकय्यात पर हुए हमले की निंदा की. कतर ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और समुद्री यातायात तथा दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बताया.

कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने ‘एक्स’ पर जारी बयान में कहा कि कतर इस हमले और इससे होने वाले किसी भी नुकसान या परिणाम के लिए ईरान को पूरी तरह कानूनी रूप से जिम्मेदार मानता है. उन्होंने ईरान से ऐसी सभी गतिविधियों को तुरंत रोकने की अपील की.

एवाई/डीकेपी

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