रांची में सरकार और छात्रों के बीच आज चौथे दौर की वार्ता, आंदोलनकारी बोले- ‘मानी जाएं मांगे, वरना भुगतना होगा परिणाम’

रांची, 17 अगस्त . रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्रों का आंदोलन Monday को 24वें दिन में प्रवेश कर गया. छात्र अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं. छात्रों ने 20 अगस्त को Chief Minister आवास घेराव का आह्वान किया है. हालांकि, इससे पहले Monday को Government के प्रतिनिधियों और आंदोलनरत छात्रों के बीच चौथे राउंड की वार्ता प्रस्तावित है.

Government और छात्रों के बीच बातचीत के बाद ही साफ होगा कि आंदोलन आगे किस दिशा में जाएगा. अब कर Government और छात्रों के बीच तीन दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन मांगों पर कोई अंतिम समाधान नहीं निकल पाया. आंदोलन के दौरान छात्र विधानसभा का घेराव भी कर चुके हैं, जहां प्रदर्शनकारियों और Police के बीच टकराव की स्थिति बनी थी और लाठीचार्ज भी हुआ था. अब चौथे दौर की वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा है.

मुलाकात को लेकर भूख हड़ताल कर रहे प्रेम नायक ने से कहा कि Government ने वार्ता के लिए कई बार बुलाया, लेकिन गोल-गोल बातें की गईं. वहीं, छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “आज की मुलाकात से उम्मीदें हैं कि हमारी सभी मांगें पूरी होनी चाहिए.”

उन्होंने कहा कि हम अपनी मांगों पर डटे हुए हैं. जब तक हमारी मांग पूरी नहीं हो जाती है, हम लोग आंदोलनरत रहेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि हमें सीडीओ के माध्यम से वार्ता का संदेश मिला था. आज हम लोग फिर से वार्ता के लिए जाएंगे, लेकिन हमारी मांगें तटस्थ हैं. अपनी मांगों को लेकर कोई समझौता नहीं करेंगे.”

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “हमारे अनिश्चितकालीन धरने का यह 24वां दिन है. पिछले 12-13 दिन से हमारे चार साथी भूख हड़ताल कर रहे हैं. दो साथी अस्पताल में भर्ती हैं और दो धरनास्थल पर मौजूद हैं.”

प्रेम नायक ने कहा, “मेरी भूख हड़ताल का 14वां और धरने का 24वां दिन है. हमारी तबीयत लगातार बिगड़ रही है. हम बैठ नहीं पा रहे हैं, चल नहीं पा रहे हैं और सो नहीं पा रहे हैं. लगता नहीं है कि हम ज्यादा दिन बच पाएंगे.”

उन्होंने कहा कि Government को गंभीर होना चाहिए, क्योंकि हमारी मांगें जायज हैं. इसलिए Government तुरंत कार्रवाई करे और मांगों को पूरा करे. अभी कुछ नहीं बिगड़ा है. अभी तक गांधीवादी तरीके से आंदोलन चला है. आप मांगें नहीं मांगेंगे तो छात्र आने वाले समय उग्र हो सकते हैं और उसका परिणाम Government को भुगतना होगा. Government जनता से बड़ी नहीं हो सकती है.

डीसीएच/

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