नागपंचमी पर जैकी श्रॉफ और दीपिका चिखलिया ने दी फैंस को शुभकामनाएं, पोस्ट की खास तस्वीरें

Mumbai , 17 अगस्त . श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी की Monday के दिन देशभर में नागपंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है. इस अवसर पर Actor जैकी श्रॉफ और Actress दीपिका चिखलिया ने अपने फैंस को खास अंदाज में बधाई दी.

Actor जैकी श्रॉफ ने इंस्टाग्राम स्टोरीज सेक्शन पर तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वे नाग मंदिर में दर्शन करते नजर आ रहे हैं. Actor ने तस्वीर पोस्ट कर लिखा, “नाग पंचमी के पावन अवसर पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं.”

इसी कड़ी में Actress दीपिका चिखलिया ने भी इंस्टाग्राम के जरिए सभी को शुभकामानाएं दी. Actress ने इंस्टाग्राम पर तस्वीर पोस्ट कर लिखा, “नाग पंचमी की आप सभी को हार्दिक शुभकामानाएं, नाग देवता का आशीर्वाद आपके जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, सौभाग्य और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए. अपनी परंपराओं को अपनाए रखो, अपनी संस्कृति को जिंदा रखो.”

Actor सुनील शेट्टी ने भी इंस्टाग्राम के माध्यम से सभी को नाग पंचमी की शुभकामनाएं दी. उन्होंने नाग देवता का पूजन करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया, जिसके जरिए Actor ने लिखा, “नाग पंचमी मुझे घर की याद दिलाती है. मैं मु्ल्की, मुंगलुरु में बड़ा हुआ हूं. वहां पर नाग देव हमारे परिवार और परंपराओं का हमेशा से हिस्सा रहे हैं. मेरे लिए ये सिर्फ एक त्योहार नहीं है बल्कि ये हमें हमारी आस्था, हमारे संस्कार और अपनी जड़ों से जुड़े होने की याद दिलाता है. इस नाग पंचमी पर मैं नाग देव से शांति, ताकत और रक्षा का आशीर्वाद मांगता हूं.”

नाग पंचमी हिन्दू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है. इस दिन नाग देवता (सर्प) की पूजा की जाती है और परिवार की रक्षा तथा सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है. श्रावण मास में भोलेनाथ की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि भगवान शिव के गले में वासुकी नाग का वास रहता है, तो भोलेनाथ को प्रसन्न करने और कुंडली में सर्प दोष से मुक्ति प्राप्त करने के लिए नागपंचमी के दिन विशेष पूजा की जाती है. इस दिन लोग जीवित सांपों की जगह मिट्टी, चांदी या तस्वीर वाले नाग देवता की पूजा करते हैं.

नागपंचमी का त्योहार मुख्य रूप से महाIndia काल के राजा जन्मेजय और आस्तिक मुनि की कथा तथा भगवान कृष्ण द्वारा कालिया नाग के दमन की पौराणिक कथा से जुड़ा है. दरअसल, राजा परीक्षित की मृत्यु तक्षक नाग के डसने से हुई थी. पिता की मौत का बदला लेने के लिए उनके पुत्र राजा जन्मेजय ने सभी सांपों को नष्ट करने हेतु ‘सर्पसत्र यज्ञ’ किया. यज्ञ में जब सारे सांप जलने लगे तब आस्तिक मुनि ने आकर यज्ञ रुकवाया और नाग वंश की रक्षा की, जिस दिन यह रक्षा हुई, उस दिन श्रावण मास की पंचमी थी.

एनएस/पीएम

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